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अपना नाम-गोत्र बताएं हो जाएगी ऑनलाइन पूजा: काशी के मंदिरों में रोज हो रहे सौ से अधिक अनुष्ठान; जानें- विशेषता

Fri, 14 Jun 2024 02:01 PM IST
अमन विश्वकर्मा हीरालाल चौरसिया, अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी

सार

Varanasi News: विभिन्न तरह की बाधाएं दूर करने के लिए ऑनलाइन पूजा हो रही है। जिनकी कुंडली में ग्रहदोष, राहु, केतु और शनि की साढ़े साती, अढ़ैया, नवग्रह दोष, कालसर्प दोष, रुद्राभिषेक आदि पूजा हो रही है। कार्य में बाधा आने पर भी लोग पूजा करवा रहे हैं।
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दशाश्वमेध घाट स्थित बृहस्पति मंदिर में हवन करते वैदिक ब्राह्मण। - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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अब पूजा भी हाईटेक हो गई है। आप चाहे देश में हों या विदेश में घर बैठे ही ऑनलाइन पूजा करा सकते हैं। सिर्फ आपको अपना नाम और गोत्र बताना होगा। आपको वैदिक ब्राह्मण और यजमान सब मिल जाएंगे और आपकी पूजा हो जाएगी। इसके लिए एप बने हैं। जहां संपर्क करने वाले ऑनलाइन पूजा करवाते हैं। विश्वनाथ मंदिर सहित विभिन्न मंदिरों में रोज ही 100 से अधिक ऑनलाइन पूजा हो रही है। कोरियर से उनके पास प्रसाद पहुंच जा रहा है।

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भागदौड़ भरी जिंदगी में लोगों की व्यस्तता बढ़ी है। यही वजह है कि भगवान का ऑनलाइन दर्शन और पूजन भी बढ़ा है। शहर के करीब सभी बड़े मंदिरों में रोज ही पांच से 10 ऑनलाइन पूजा हो रही है। जबकि विश्वनाथ और महामृत्युंजय महादेव में सबसे ज्यादा 30 से 40 ऑनलाइन पूजा हो रही है।

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विश्वनाथ मंदिर के उप जिला मजिस्ट्रेट शंभूशरण ने बताया कि मंदिर की वेबसाइट पर ऑनलाइन बुकिंग कराने वालों को पूजा की सुविधा दी जाती है। ऑनलाइन ही रुद्राभिषेक सहित विविध अनुष्ठान कराने के बाद टैब से दर्शन कराया जाता है। पूजा एप से संपर्क करने वाले जिस मंदिर में पूजा करवाना चाहते हैं, वहां ऑनलाइन पूजा हो जाती है। इसमें ज्यादा नेता, व्यापारी और अस्पताल में बीमार मरीज हैं।

बृहस्पति मंदिर के महंत पं. अजय गिरि ने बताया कि पहले इक्का-दुक्का ऑनलाइन पूजा होती था, अब ज्यादा हो रही है। एप संचालक वैदिक ब्राह्मण लेकर मंदिरों में ऑनलाइन पूजा करवाते हैं। बाबा कालभैरव, बृहस्पति मंदिर, गणेश मंदिर के अलावा अन्य शिवालयों दर्शन पूजन और पिशाचमोचन पर भी त्रिपिंडी श्राद्ध भी करवाते हैं।

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आने-जाने बच जाता है खर्च

बाहर से आकर पूजा करवाने में काफी खर्च लगता है। इसके चलते ऑनलाइन पूजा करवा रहे हैं। पटना के विकास, दिल्ली के सुधीर ने बताया कि आने-जाने में ज्यादा खर्च लगता है और समय भी काफी लग जाता है। इसलिए कम खर्च में ऑनलाइन ही पूजा करवा लेते हैं। वैदिक ब्राह्मण, मंदिर और एप संचालक का अलग-अलग शुल्क है। दक्षिण भारत के अलावा पंजाब, हरियाणा, दिल्ली, गुजरात, महाराष्ट्र, राजस्थान, बिहार आदि राज्यों से लोग ऑनलाइन पूजा करवाते हैं।

चुनाव में कई नेताओं ने कराए थे अनुष्ठान
लोकसभा चुनाव के दौरान काफी नेताओं ने चुनाव में जीत के लिए मंदिरों में मत्था टेका और पूजन अर्चन किया। इसके साथ ऑनलाइन भी दर्शन व पूजन किए। पं. अजय गिरि ने बताया कि बृहस्पति मंदिर में एक माह तक कई बड़े नेताओं ने जीत के लिए अनुष्ठान करवाए थे और उन्हें जीत भी मिली।
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