वाराणसी। रोहनिया स्थित समेकित क्षेत्रीय केंद्र (सीआरसी) खुशीपुर में भारतीय पुनर्वास परिषद (आरसीआई) नई दिल्ली से अनुमोदित एक दिवसीय ऑनलाइन सतत पुनर्वास शिक्षा (सीआरई) कार्यक्रम हुआ। इसका विषय एसिड अटैक प्रभावित व्यक्तियों के बहु-विषयक पुनर्वास पर केंद्रित रहा। इसमें देशभर से 150 से ज्यादा पुनर्वास विशेषज्ञों ने भाग लिया।
शुभारंभ सीआरसी वाराणसी के निदेशक आशीष कुमार झा ने किया। उन्होंने कहा कि एसिड अटैक से प्रभावित दिव्यांगजन की आवश्यकताएं जटिल होती हैं और उनके समग्र पुनर्वास के लिए प्रशिक्षित पेशेवरों की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण है। एम्स भुवनेश्वर के ईएनटी विभाग के डॉ. वेंकट रमन प्रुस्टी ने चेहरे के जलने से प्रभावित व्यक्तियों में संचार चुनौतियों और ओरो-मोटर डिसफंक्शन पर प्रकाश डाला। आईएसआईसी-इंस्टीट्यूट ऑफ रिहैबिलिटेशन साइंसेज नई दिल्ली की याशिका कुमार ने ऑर्थोटिक प्रबंधन पर जानकारी दी। जेसीसी रोहिणी, दिल्ली की तन्नू गेरा ने एसिड अटैक के मनोवैज्ञानिक प्रभाव और मानसिक स्वास्थ्य पुनर्वास पर प्रतिभागियों का मार्गदर्शन किया। संचालन आशीष पाराशर व्याख्याता फिजियोथेरेपी, सीआरसी ने किया, जबकि धन्यवाद ज्ञापन नमो नारायण पाठक सहायक प्राध्यापक विशेष शिक्षा, सीआरसी ने प्रस्तुत किया। संवाद