कोरोना संक्रमण का दौर चल रहा है। इसको देखते हुए ऐसे छात्र जो दूर दराज से ऑफलाइन काउंसलिंग में शामिल होने के लिए विश्वविद्यालय तक नहीं आ पाएंगे, उनके लिए ऑनलाइन काउंसलिंग का भी विकल्प दिया गया है।
ऐसे छात्रों को अपने शैक्षिक प्रमाण पत्र, सहित अन्य सभी कागजात प्रवेश पोर्टल पर ही अपलोड करने होंगे। अगर कागजात अपलोड करने संबंधी कोई भी समस्या आती है तो उन्हें कॉल लेटर में ही प्रवेश समिति से जुड़े सदस्यों के नंबर भी भेजे जाएंगे जिससे उन्हें किसी तरह की कोई असुविधा ना हो।
विश्वविद्यालय में ऑनलाइन एडमिशन असिस्टेंस समिति के संयोजक प्रो.एसके उपाध्याय ने बताया कि जो अभ्यर्थी ऑनलाइन शामिल हो रहे हैं, उन्हें विश्वविद्यालय आने की आवश्यकता नहीं है। अगर आते भी हैं तो उनके मामले पर विचार नहीं किया जाएगा। बताया कि स्नातक के अभ्यर्थियों को भी फॉर्म भरते समय अधिक से अधिक सब्जेक्ट कांबिनेशन देना चाहिए। विश्वविद्यालय में स्नातक पाठ्यक्रमों में दाखिले के लिए 16 अक्टूबर से काउंसलिंग शुरू होने की संभावना है।