सरकारी स्कूल के बच्चों के मन से गणित और विज्ञान का डर भगाने के लिए ऑनलाइन गेमिंग से पढ़ाई कराने की तैयारी है। पहले चरण की शुरुआत कंप्यूटर सिस्टम वाले पांच अंग्रेजी व पांच हिंदी माध्यम के स्कूलों से जल्द होने वाली है। दूसरे चरण को लेकर शासन ने तैयारी शुरू कर दी है।
वाराणसी जिले के स्कूलों में टैब लैब सेटअप तैयार हो रहा है। ग्रामीण क्षेत्र के स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चों के मन से विज्ञान और गणित का डर निकाला जाएगा। दोनों विषयों की पढ़ाई कराने के लिए जिले के एक हजार स्कूलों में टैब लैब की सौगात दी जा रही है। ताकि बच्चे खेल-खेल में पढ़ाई कर सके । अधिकारियों की माने तो एक हजार स्कूलों में पढ़ने वाले डेढ़ लाख बच्चों को फायदा होगा।
शिक्षकों को मिलेगा प्रशिक्षण
स्कूलों में टैब लैब बनने के साथ ही शिक्षकों को प्रशिक्षित किया जाएगा। ताकि शिक्षक बच्चों को टैब पर गेम के जरिए गणित और विज्ञान को बेहतर तरीके से समझा सकें। कुछ स्कूलों में टैब लैब सीएसआर फंड से तैयार किए जाएंगे, तो कुछ में शासन की ओर से धनराशि प्रदान की जाएगी।
बच्चों को खेलों के जरिए विज्ञान और गणित विषय की शिक्षा देने के लिए जिन स्कूलों में कंप्यूटर नहीं है, वहां पर टैब लैब बनाने की तैयारी है। बच्चों के मन से दोनों विषयों के डर को निकाला जा सके। -
राकेश सिंह, बीएसए