सात गवाहों के बयान दर्ज
मुकदमे के दौरान अभियोजन पक्ष ने लिखित तहरीर, पंचायतनामा, पोस्टमार्टम रिपोर्ट और चोट आख्या समेत अन्य दस्तावेजी साक्ष्य प्रस्तुत किए। वादी सचिन कुमार मिश्रा और पवन कुमार मिश्रा समेत सात अभियोजन गवाहों के बयान अदालत में दर्ज किए गए। सचिन मिश्रा ने घटना का विस्तृत विवरण देते हुए अपने पिता की मौत की पुष्टि की। वहीं, पवन मिश्रा ने अपने बयान में बताया कि शिव कुमार मिश्रा के हाथ में नुकीला सब्बल था, जिससे उनके पिता को चोट लगी थी।
बचाव पक्ष ने मृतक को दुर्घटनावश चोट लगने की दलील
बचाव पक्ष की ओर से मुकदमे को रंजिशन दर्ज कराने और मृतक को दुर्घटनावश चोट लगने की दलील भी दी गई। साथ ही शिव कुमार मिश्रा की मानसिक अस्वस्थता का भी उल्लेख किया गया। अदालत ने उपलब्ध साक्ष्यों, गवाहों के बयानों और मामले की परिस्थितियों का परीक्षण करने के बाद शिव कुमार मिश्रा को हत्या के मामले में दोषी मानते हुए आजीवन कारावास और 10 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई।