डॉ. निरंजन के मुताबिक, दिसंबर 2018 से सितंबर 2025 तक 228 लोगों का देहदान कराया है। बीते एक वर्ष में 158 लोगों का देहदान किया गया है। एक साल के आंकड़े काफी चिंताजनक है। आश्रम से बीएचयू काफी पास में पड़ता है और पूर्वांचल के अन्य मेडिकल कॉलेज को शव लेने में आसानी हो जाती है। इस कारण से अधिकतर शवों को भेजा जाता है।
क्या बोले बीएचयू के प्रोफेसर
अपना घर आश्रम की देहदान की पहल सराहनीय है। पिछले दिनों आश्रम के संचालक डॉ. के. निरंजन और उनकी पत्नी डॉ. कात्यायनी को सम्मानित भी किया गया था। नेत्रदान और रक्तदान के साथ-साथ लोगों को देहदान के लिए भी आगे आना चाहिए। -प्रो. रोयाना सिंह, एनाटॉमी विभाग, बीएचयू