कछवारोड। सावन मास की शुरुआत से पहले कांवड़ियों की सुरक्षा और सुगम यात्रा सुनिश्चित करने के लिए पुलिस प्रशासन पूरी तरह सक्रिय हो गया है। अपर पुलिस आयुक्त (कानून एवं व्यवस्था) शिवहरि मीणा ने शनिवार को वाराणसी-भदोही सीमा, राजातालाब और मिर्जामुराद क्षेत्र का दौरा किया। इस दौरान उन्होंने कांवड़ यात्रा मार्ग का निरीक्षण किया और सुरक्षा एवं यातायात व्यवस्था को लेकर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
प्रयागराज से गंगाजल लेकर कांवड़िए एनएच-19 के रास्ते काशी विश्वनाथ धाम पहुंचते हैं। श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए इस बार भी हाईवे की एक लेन कांवड़ियों के लिए आरक्षित रखने की योजना बनाई गई है। अधिकारियों का काफिला सबसे पहले गुड़िया बॉर्डर पहुंचा, जहां रूट डायवर्जन और सुरक्षा चौकियों की समीक्षा की गई। इसके बाद टीम मिर्जामुराद स्थित बंगला चट्टी के राधा-कृष्ण मंदिर पहुंची, जहां कांवड़ियों के विश्राम और सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया गया।
अधिकारियों ने रखौना रिंग रोड और राजातालाब क्षेत्र का भी निरीक्षण किया। यातायात विभाग को निर्देश दिए गए कि कांवड़ मार्ग पर भारी वाहनों का प्रवेश समय रहते प्रतिबंधित किया जाए। आम लोगों की सुविधा के लिए वैकल्पिक मार्गों के संकेतक (साइन बोर्ड) स्पष्ट रूप से लगाए जाएं। एनएचएआई और स्थानीय प्रशासन के समन्वय से कांवड़ मार्ग पर पड़े गड्ढों को तत्काल भरने के निर्देश दिए गए। साथ ही स्ट्रीट लाइटों को भी चालू रखने के लिए कहा गया।
बंगला चट्टी मंदिर और अन्य विश्राम स्थलों पर लगे सीसीटीवी कैमरों को दुरुस्त करने के निर्देश दिए गए। इसके अलावा सादे कपड़ों में पुलिसकर्मियों और एलआईयू कर्मियों की तैनाती भी सुनिश्चित करने को कहा गया। निरीक्षण के दौरान डीसीपी गोमती नीतू कादयान, एडीसीपी नृपेंद्र, एडीसीपी यातायात अंशुमान मिश्रा, एसीपी राजातालाब वीर सिंह तथा मिर्जामुराद थाना प्रभारी गोपाल जी कुशवाहा मौजूद रहे।