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मॉडल कार्य से एक किमी दूर कार्रवाई का ‘ड्रामा’

Wed, 14 Dec 2016 01:54 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, वाराणसी
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सीएम के ड्रीएम प्रोजेक्ट वरुणा कॉरिडोर के डूब क्षेत्र में हुए अवैध निर्माण ढहाने की औपचारिकता निभाई जा रही है। शास्त्री घाट के पास जहां मॉडल कार्य कराया जा रहा है, प्रशासन वहां के बजाय एक किमी दूर कार्रवाई का ‘ड्रामा’ कर रहा है। मॉडल कार्य वाले स्थाने पर बड़े होटल और व्यावसायिक कांप्लेक्स हैं। इन पर हाथ डालने से बचने के लिए ऐसा किया जा रहा है। इस बीच डीएम के निर्देश के बावजूद कॉरिडोर के दायरे में आने वाले अवैध निर्माणों पर मंगलवार को दूसरे दिन भी कार्रवाई नहीं हो सकी। वीडीए का कहना है कि कार्रवाई के लिए थानों से फोर्स ही उपलब्ध नहीं कराई गई।


वरुणा कॉरिडोर के दायरे में  आने वाले अवैध निर्माणों पर कार्रवाई के लिए डीएम ने 12 से 14 दिसंबर तक की तिथि   निर्धारित की थी। पहले दिन सोमवार को वीडीए का दस्ता बिना फोर्स के ही गीता नगर कॉलोनी चौकाघाट पहुंच गया। नतीजा यह हुआ कि स्थानीय लोगों के जबरदस्त विरोध के चलते    वीडीए की टीम बिना कार्रवाई के बैरंग लौट आई। मंगलवार को वीडीए का पूरा दिन फोर्स के जुगाड़ में बीत गया। वीडीए के अधिकारियों की मानें तो पहले पांडेयपुर और फिर कैंट थाने से फोर्स की मांग की गई लेकिन उन्हें फोर्स उपलब्ध नहीं कराई गई। वीडीए का कहना है कि बुधवार को फोर्स उपलब्ध कराने का भरोसा दिलाया गया है। उधर, कैंट थाने से बताया गया कि वीडीए से फोर्स के संबंध में उनकी जरूरत पूछी गई है। बता दें कि बीते दिनों पीडब्ल्यूडी राज्यमंत्री सुरेंद्र पटेल ने निरीक्षण के दौरान 20 दिसंबर के बाद मुख्यमंत्री अखिलेश यादव से मॉडल कार्य का उद्घाटन कराने की बात कही थी। इसके बाद अवैध निर्माण ढहाने का दबाव बढ़ा तो नेताओं और अधिकारियों ने कार्रवाई के नाम पर ऐसी योजना बनाई, जिसमें कोई न कोई बखेड़ा डाले और कार्य अंजाम तक न पहुंचे।
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अवैध निर्माणों के खिलाफ वीडीए के अभियान के विरोध में वरुणा किनारे की गीता नगर कॉलोनी के रहने वाले बाशिंदों ने मंगलवार को शास्त्री घाट से जिला मुख्यालय तक मार्च निकाला। कलेक्ट्रेट और वीडीए दफ्तर पर ‘न एक इंच जमीन देंगे न मकान देंगे, जान देंगे जान देंगे’ जैसे नारे लगाए गए। वरुणा किनारे प्रस्तावित ग्रीन बेल्ट को रद्द करने और ध्वस्तीकरण का आदेश वापस लेने की मांग की। डीएम से एक प्रतिनिधिमंडल भी मिला। मुलाकात के बाद प्रतिनिधिमंडल नेे बताया कि डीएम ने कार्रवाई रोकने से इन्कार कर दिया है। प्रभावित क्षेत्रों के लोग एकजुट होकर इसका विरोध करेंगे। कहा, पहले नदी किनारे कब्जा कर बनाए गए होटलों, व्यावसायिक भवनों के खिलाफ कार्रवाई की जाए। इस दौरान भाकपा माले की राज्य कमेटी के सदस्य मनीष शर्मा, अमान सरफराज, सरताज, गीता जायसवाल, अनिल, उपेंद्र सागर, प्रज्ञा पाठक, सरिता पटेल, कमलेश यादव आदि मौजूद थे।

 
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