जौनपुर जिले के शाहगंज कोतवाली क्षेत्र के बड़ागांव में शनिवार दोपहर तीन बजे जुआ खेल रहे जुआरियों को कोतवाली पुलिस ने दौड़ाया। इस दौरान एक युवक बचने के लिए तालाब में कूद गया। पुलिस युवक को निकालने के बजाय एक अधेड़ को हिरासत में लेकर वहां से चली गई। बाद में उसे भी गांव के चौराहे पर छोड़कर चले गए। इस दौरान तालाब में डूबने की वजह से युवक की मौत हो गई। घटना को लेकर गांव में पुलिस के प्रति आक्रोश है।
गांव स्थित शहीद बाबा की मजार के पीछे गांव के आधा दर्जन युवक जुआ खेल रहे थे। दोपहर तीन बजे हल्का दरोगा ने चार हमराही सिपाहियों के साथ दबिश दी। पुलिस को देखकर जुआरी मौके से भागने लगे। पुलिस ने भाग रहे जुआरियों को दौड़ा लिया। बताते हैं कि पुलिस से बचने के लिए गांव निवासी रईस अहमद (35) पुत्र स्व. जलील बंधवा तालाब में कूद गया।
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक रईस तैरना नहीं जानता था और उसने जब तालाब से निकलने का प्रयास किया तो पुलिस कर्मी तालाब में पत्थर फेंकने लगे। घटना की सूचना मिलने पर ग्रामीण मौके पर जुटने लगे। भीड़ देख पुलिस निजाम अहमद पुत्र भुट्टों को हिरासत में लेकर वहां से निकल गई। जिसे गांव के चौराहे पर छोड़कर निकल गए। मौके पर पहुंचे रईस के भांजे नदीम अहमद ने ग्रामीणों की मदद से बाहर निकालकर नगर के निजी चिकित्सालय लाए। जहां चिकित्सक ने मृत घोषित कर दिया। घटना के बाद परिवार में कोहराम मच गया।
घर पर लोगों की भारी भीड़ इकट्ठा हो गई। घटना के बाद पुलिस पीड़ित के घर तक नहीं पहुंची। पुलिस के जिम्मेदार अफसर गांव के एक प्रतिनिधि से पल पल की जानकारी लेते व मामले को शांत कराने की मिन्नत करते रहे। शाम साढ़े पांच बजे अपर पुलिस अधीक्षक अनिल कुमार पाण्डेय मौके पर पहुंच कर लोगों से घटना की जानकारी लेते रहे। मामले में कोतवाल जयप्रकाश सिंह ने बताया कि पुलिस बैंक ड्यूटी पर थी। जुआ खेलने की सूचना पर पहुंची तो जुआरी भागने लगे। जिसमें एक युवक की तालाब में डूबने की सूचना मिली है।