वाराणसी।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संसदीय क्षेत्र वाराणसी में लगे तीन दिवसीय
कालीन एक्सपो में नियमों को ताक पर रख पशुओं की खालों के उत्पाद भी दिखाए
जा रहे हैं। नियमानुसार इस एक्सपो में केवल हस्तनिर्मित कालीन के ही स्टॉल
लगाए जा सकते हैं। इसकी जानकारी मांगने पर अधिकारियों में खलबली मच गई है
और मामले से पल्ला झाड़ने में जुट गए हैं।
एक्सपो में ऐसे कई स्टॉल
लगाए गए हैं जहां कालीन की शक्ल में पशुओं की खाल क्लिप से लटकी है। स्टॉल
संचालकों ने बताया कि यह ब्राजील व अर्जेंटीना के बैलों की खाल से बना हुआ
है। स्टाल संचालकों ने यह भी बताया कि इनकी शुरुआती कीमत 75 से 80 डॉलर है
और 400 डॉलर तक ऐसे उत्पाद बिकते हैं। इस बाबत जब एक्सपो से जुड़े
अधिकारियों से बात की गई तो उन्होंने अनभिज्ञता जताते हुए कुछ भी कहने से
इनकार कर दिया। उधर, आननफानन एक्सपो से ऐसे उत्पाद समेटे जाने लगे।
इस मामले में सीईपीसी के एक्जीक्यूटिव डायरेक्टर शिव कुमार गुप्ता का कहना है कि कालीन
एक्सपो में केवल हस्तनिर्मित कालीन का ही प्रदर्शन होना चाहिए। लेदर
काउंसिल द्वारा आयोजनों में लेदर प्रोडक्ट का इस्तेमाल होता है। ऐसे स्टॉल
मंगलवार से एक्सपो में नजर नहीं आएंगे।