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Varanasi News: संतान और जमीन से सोने की मूर्ति निकालने का झांसा देकर की ठगी, एक गिरफ्तार; मास्टरमाइंड की तलाश

Fri, 14 Aug 2026 02:52 PM IST
Pragati Chand अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी।

सार

Varanasi News: संतान प्राप्ति का झांसा देने के बाद जमीन में सोने की मूर्ति और सिक्के दबे होने की बात कहकर ठगी की वारदात को अंजाम देने वाला एक आरोपी पुलिस के हत्थे चढ़ा, जबकि दूसरे की तलाश की जा रही है। 
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बरामद मूर्ति - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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पूजा-पाठ कराकर संतान प्राप्ति का झांसा देने के बाद जमीन में सोने की मूर्ति और सिक्के दबे होने की बात कहकर 14 लाख रुपये और आभूषण ठगने के मामले में कपसेठी पुलिस ने श्याम सिंह (40) निवासी पूरे खुसई मोहनगंज, प्रतापगढ़ को कुरु तिराहे के पास से गिरफ्तार किया। आरोपी की निशानदेही पर घर की आलमारी में रखे ठगी के 1.85 लाख रुपये और मूर्ति बरामद की गई। दूसरा आरोपी मास्टरमाइंड राजेश सिंह उर्फ माया प्रकाश उर्फ की तलाश की जा रही है। 

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पुलिस के मुताबिक, घटना की शुरुआत 2 जून 2026 को हुई। कपसेठी क्षेत्र के शिवदासपुर निवासी गोविंद गुप्ता के परिचित राजकुमार के घर श्याम सिंह और राजेश पूजा-पाठ कराने पहुंचे थे। दोनों ने गोविंद की पत्नी को संतान न होने की बात बताकर पूजा-पाठ कराया। 

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इसके बाद विश्वास में लेकर बताया कि उसके घर के पास जमीन में सोने की मूर्ति और सोने के सिक्के दबे हुए हैं, जिन्हें विशेष पूजा-पाठ से निकाला जा सकता है। आरोपियों के झांसे में आए गोविंद और अन्य लोगों से अलग-अलग तारीखों में पूजा-पाठ के नाम पर तीन लाख रुपये लिए गए। 9 और 16 जुलाई को भी राशि ली गई। 

19 जुलाई को आरोपियों ने सोने की मूर्ति और सिक्के निकालने के नाम पर गोविंद से 11 लाख नकद, एक सोने की अंगूठी और एक सोने की चेन ले ली। राजकुमार से तीन लाख नकद और एक सोने की अंगूठी ली गई। आरोपियों ने जमीन की खोदाई कर लाल कपड़े में बंधी एक मूर्ति निकाली और उसे सोने की मूर्ति बताया। 

इतना ही नहीं, मूर्ति के कुछ हिस्से को काटकर उसे सोने का होने का दावा भी किया गया। पीड़ितों को जब मूर्ति पर शक हुआ और उसकी जांच कराई गई तो वह पीतल की निकली। इसके बाद आरोपियों के मोबाइल नंबर भी बंद मिले। थाना प्रभारी विकास मौर्य ने बताया कि श्याम सिंह को गिरफ्तार कर उसके खिलाफ कार्रवाई शुरू कर दी है। मामले में शामिल अन्य आरोपियों की भूमिका की भी जांच की जा रही है। ठगी में इस्तेमाल किए गए तरीके और आरोपियों के नेटवर्क के संबंध में भी जानकारी जुटाई जा रही है। 
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गुरु जी के साथ मिलकर रची थी ठगी की साजिश
पूछताछ में श्याम सिंह ने पुलिस को बताया कि वह राजेश सिंह उर्फ माया प्रकाश सिंह, निवासी पिलखनी, सुल्तानपुर के साथ गोविंद के गांव गया था। आरोपी राजेश को वह और उसके साथी गुरु जी कहते हैं। श्याम के अनुसार, गुरु जी ने ही गोविंद को पूजा-पाठ और जमीन में सोने की मूर्ति व सिक्के दबे होने की बात बताकर विश्वास में लिया था। पूछताछ में आरोपी ने बताया कि ठगी से मिली रकम में से 1.85 लाख रुपये उसे गुरु जी ने दिए थे, जिसे उसने अपने घर की आलमारी में रख दिया था। उसकी निशानदेही पर पुलिस ने प्रतापगढ़ के घर से रकम बरामद कर ली।
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