एसपी ग्रामीण ने बताया कि राज उर्फ सवारिया का गैंग आर्थिक लाभ के लिए सक्रिय था। गैंग के सदस्य समर उर्फ अरुण, सुरेश राम, पूनम, लक्ष्मी, रीना, संतरा देवी, संतोष वर्मा उर्फ तोसू वर्मा, अंजली उर्फ लक्ष्मी और राधा थे। ये लोग प्रमुख धार्मिक स्थलों, मेलों और भीड़भाड़ वाले स्थानों पर टप्पेबाजी करते थे। श्रद्धालुओं और आमजन को निशाना बनाकर सोने-चांदी के आभूषण और रुपये चुराते थे।
एसपी ग्रामीण चिराग जैन के पर्यवेक्षण में थाना बिलरियागंज पुलिस और राजस्व विभाग की संयुक्त टीम ने कुर्की की। डुगडुगी पिटवाकर नियमानुसार भूमि को प्रशासनिक कब्जे में लिया गया। एसपी ग्रामीण चिराग जैन कहा कि संगठित अपराध और अवैध संपत्तियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई जारी रहेगी। अपराध से अर्जित संपत्तियों को कुर्क कर अपराधियों की आर्थिक गतिविधियों पर अंकुश लगाना प्राथमिकता है।