फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

वाराणसी में फिर गोलीकांड, दंपति सहित तीन घायल, मची अफरातफरी

Fri, 02 Nov 2018 10:35 AM IST
न्यूज डेस्क,अमर उजाला,वाराणसी
विज्ञापन
अस्पताल में भर्ती अशोक - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

वाराणसी के जेएचवी मॉल में गोलीबारी की वारदात को अभी 24 घंटे भी नहीं बीते थे कि चेतगंज थाना क्षेत्र के तेलियाबाग में गोली चलने से सनसनी मच गई। तेलियाबाग स्थित पटेल धर्मशाला के समीप गुरुवार को सिक्योरिटी गार्ड श्यामलाल यादव (50) की लाइसेंसी बंदूक से अचानक गोली चल गई। गोली चलने के कारण उसके छर्रे से श्यामलाल और सामने सड़क से गुजर रहे डीरेका निवासी अशोक राय (35) व उनकी पत्नी मधु (32) घायल हो गईं।

विज्ञापन


आननफानन में तीनों को नजदीक स्थित निजी अस्पताल ले जाया गया जहां प्राथमिक उपचार के बाद उनकी हालत खतरे से बाहर बताई गई। चेतगंज पुलिस के अनुसार गार्ड के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर उसकी बंदूक जब्त कर ली गई है और उसे गिरफ्तार कर जेल भेजा जाएगा।

गाजीपुर जिले के जखनिया का श्यामलाल यादव तेलियाबाग स्थित दुकान के बाहर अपने लाइसेंसी बंदूक की नाल साफ कर रहा था। इस दौरान बंदूक के चेंबर में कारतूस था मगर गार्ड ने ध्यान नहीं दिया। इसी बीच लापरवाही के कारण श्यामलाल के हाथ से बंदूक का ट्रिगर दबने के कारण गोली चल गई।
विज्ञापन


 सामने से बाइक से जा रहे अशोक और उनकी पत्नी मधु के साथ ही श्यामलाल छर्रे से घायल हो गए। वहीं, बाइक में अशोक और मधु के बीच में बैठा उनका बच्चा बाल-बाल बच गया। सूचना पाकर सिगरा और चेतगंज थाने की पुलिस मौके पर पहुंची। सरेराह गोली चलने के कारण मौके पर थोड़ी देर के लिए अफरातफरी की स्थिति रही।

उधर, जिस दुकान के बाहर गोली चली उसके दुकानदार का पता नहीं लगा। आसपास के दुकानदारों ने बताया कि दुकान मालिक कुछ माह पहले लोगों का पैसा लेकर भाग गया है। दुकान पर लोन होने के कारण बैंक ने उसकी नीलामी कर दी थी। दुकान की सुरक्षा के लिए श्यामलाल यादव को लगाया गया था।

ऐसे हालात में कैसे होगा प्रवासी भारतीय सम्मेलन 

जेएचवी मॉल - फोटो : अमर उजाला
 सुरक्षा के दृष्टिकोण से अति संवेदनशील और जिले के आला अफसरों के रिहायशी क्षेत्र में बने जेएचवी मॉल में विदेशी सैलानियों के सामने दिनदहाड़े अंधाधुंध फायरिंग कर की गई दो लोगों की हत्या ने कई गंभीर सवाल खड़े किए हैं। माना जा रहा है कि यदि माहौल ऐसा ही रहा तो प्रवासी भारतीय सम्मेलन का आयोजन एक बड़ी चुनौती होगा।

साथ ही, त्योहार के सीजन में हुई इस वारदात के बाद मॉल सहित भीड़भाड़ वाले अन्य सार्वजनिक स्थानों की सुरक्षा व्यवस्था के लिए पुलिस और प्रशासन को नये सिरे से कार्ययोजना बनानी होगी। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बीते रविवार को कहा था कि प्रवासी भारतीय सम्मेलन के लिए काशी में हर तरह से सकारात्मक माहौल होना चाहिए।

मगर, मुख्यमंत्री के निर्देशों के प्रति पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी गंभीर नहीं दिखाई दे रहे हैं और भीड़भाड़ वाले स्थान पर दो लोगों की हत्या कर दो को घायल कर दिया गया। इन हालात में जिले की कानून व्यवस्था को पटरी पर लाने के लिए आला अफसरों को गंभीरता दिखानी पड़ेगी।

अपराधी बेलगाम, पुलिस नाकाम

वाराणसी जिले में अपराधी बेलगाम हो गए हैं और उनके सामने पुलिस नाकाम नजर आ रही है। सितंबर महीने के आखिरी हफ्ते से अब तक हुई हत्या, हत्या का प्रयास और रंगदारी की ताबड़तोड़ वारदातों ने पुलिस के इकबाल को चुनौती देने के साथ ही कार्यशैली पर भी गंभीर सवाल खड़े किए हैं। इनमें से कई वारदातें ऐसी हैं जिनका खुलासा तो दूर पुलिस अभी तक बदमाशों को भी चिह्नित भी नहीं कर सकी है।

जेएचवी मॉल में बुधवार की दोपहर दो लोगों की हत्या ने पुलिस को तगड़ी चुनौती दी है। इससे पहले 29 सिंतबर की रात बदमाशों ने रोहनिया थाना के कचनार स्थित स्कूल में सोये दिव्यांग चौकीदार सुभाष पटेल की हत्या कर दी। पुलिस अभी तक इस वारदात की गुत्थी नहीं सुलझा सकी है। छह अक्तूबर को चोलापुर के कटारी गांव में बुजुर्ग शंकर पर ताबड़तोड़ फायरिंग कर हत्या कर दी गई।

21 अक्तूबर की रात शिवपुर के सुतबलपुर में दीपक पटेल को गोली मार कर हत्या का प्रयास किया गया। 24 अक्तूबर की रात खोजवां निवासी राजू शर्मा पर फायरिंग कर उसकी हत्या का प्रयास किया गया। 25 अक्तूबर की रात जगतगंज में दुकानदार सतीश राय की गोली मार कर हत्या कर दी गई। इस बीच भेलूपुर निवासी अधिवक्ता से 20 लाख की रंगदारी मांगा जाना, मिर्जामुराद में ट्रक चालक व दुकानदार से लूट, चेन स्नेचिंग और चोरी की घटनाएं सामान्य बात रहीं। 
 
विज्ञापन

सीएम ने कहा था गुंडई न हो और यहां जान जा रही है

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बीते रविवार को सर्किट हाउस में कहा था कि गुंडई न होने पाए। मुख्यमंत्री की शहर से रवानगी के 48 घंटे बाद ही काशी विद्यापीठ के छात्र आलोक उपाध्याय और उसके दो दोस्तों ने अंधाधुंध फायरिंग कर दो लोगों की हत्या कर दी और दो लोगों को घायल कर दिया।

इससे पहले इसी साल जून महीने में बीएचयू और अन्य कॉलेजों के छात्रों के गुट ने अस्सी-रवींद्रपुरी मार्ग पर हमला कर जल निगम के अवर अभियंता सुशील कुमार गुप्ता की हत्या कर दी थी। साथ ही, ठेकेदार कमलेश कुमार सिंह और भूपेंद्र सिंह को गंभीर रूप से घायल कर दिया था। प्रकरण को लेकर 15 आरोपियों के खिलाफ लंका थाने में हत्या का मुकदमा दर्ज किया गया था। 
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें