गीता जयंती के अवसर पर शहर के कई जगहों पर कार्यक्रम आयोजित हुए। दुनियाभर में प्रसिद्ध श्रीमद्भगवद्गीता ही एक ऐसा ग्रंथ है जिसकी जयंती मनायी जाती है। आज ही के दिन भगवान श्री कृष्ण ने अर्जुन को गीता का दिव्य संदेश सुनाया था। बीएचयू गीता समिति की ओर से मालवीय भवन में गीता जयंती मनायी गयी। वहीं आर्य महिला इंटर कॉलेज में शनिवार को गीता जयंती मनाई गई।
श्री प्रह्लाद राय झुनझुनवाला स्मृति गीता स्वाध्याय केंद्र की ओर से आयोजित कार्यक्रम में अतिथियों ने गीता के महात्म्य की विस्तृत चर्चा की। मुख्य अतिथि गीता प्रेस गोरखपुर के संपादक कल्याण राधेश्याम खेमका ने गीता के सूत्रों को आत्मसात करने को कहा।
खेमका ने कहा कि अपने जीवन के उद्देश्यों के बारे में कल्पना करना मानव जीवन का मुख्य उद्देश्य है। श्रीमद्भागवत में इसकी विधा बताई गई है। अगर उसे धारण किया जाए तो जीवन धन्य हो जाएगा। इससे पहले छात्राओं ने मंगलाचरण प्रस्तुत किया। अतिथियों का स्वागत केंद्र के सचिव दीनानाथ झुनझुनवाला ने किया। इस दौरान राघवेंद्र, प्रधानाचार्य डॉ. प्रतिभा यादव, डॉ. पवन शास्त्री, प्रो. शिवजी उपाध्याय सहित कई लोग मौजूद रहे।
बीएचयू गीता समिति की ओर से मालवीय भवन में गीता जयंती महोत्सव में भदोही के जिलाधिकारी सुरेश कुमार सिंह ने कहा कि गीता मानव मात्र का शास्त्र है। इसे किसी जाति संप्रदाय या परंपरा मात्र का ग्रंथ नहीं कहा जा सकता। महोत्सव में बतौर मुख्य अतिथि प्रो. युगल किशोर मिश्र ने कहा कि श्रीमद्भगवतगीता के सभी अध्याय श्रीकृष्ण के अंग रूप में हैं और स्वयं नारायण द्वारा कहे गए हैं। उन्होंने विद्यार्थियों से कहा कि वो गीता का स्वाध्यापूर्वक उपासना करें। श्री अन्नपूर्णा मंदिर काशी के महंत स्वामी रामेश्वरपुरी महाराज ने कहा कि गीता जयंती मनाने की परंपरा सार्थक है। अध्यक्षता कुलसचिव डॉ. केपी उपाध्याय ने की।