पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए शुक्रवार को गुजरात और उत्तर प्रदेश के पर्यटन मंत्रियों के बीच बैठक हुई। विश्व की सबसे ऊंची प्रतिमा स्टेच्यू ऑफ यूनिटी के बाद अब गुजरात में नर्मदा तट पर काशी की गंगा आरती की तर्ज पर भव्य आयोजन कराया जाएगा।
गुजरात के पर्यटन मंत्री जवाहर चावड़ा ने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की इच्छानुसार नर्मदा तट पर आरती शुरू कराने के लिए काशी का भ्रमण किया गया। यूपी के पर्यटन मंत्री डा. नीलकंठ तिवारी ने सहयोग का आश्वासन दिया।
नदेसर स्थित सभागार में आयोजित बैठक में दोनों प्रदेशों के पर्यटन को बढ़ाने के लिए दोनों प्रदेशों की संस्कृति सांझा कराने पर सहमति बनी। पर्यटन राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) डा. नीलकंठ तिवारी को गुजरात के पर्यटन मंत्री ने फरवरी माह में होने वाले रणोत्सव के लिए आमंत्रित किया।
दोनों प्रदेशों के साथ मिलकर गुजरात की परंपरा एवं यूपी की आस्था को मिलाकर काईट फेस्टिवल का आयोजन कराया जाएगा। वाराणसी में आयोजित होने वाले काईट फेस्टिवल में गरबा, नव दुर्गा दर्शन, नवरात्रि मेला सहित अन्य आयोजन किए जाएंगे।
इससे पहले डा. नीलकंठ तिवारी ने गुजरात के पर्यटन मंत्री जवाहर चावड़ा को काष्ठ कला से बनी भगवान गणेश की प्रतिमा एवं अंगवस्त्रम प्रदान कर अभिवादन किया। डा. नीलकंठ तिवारी ने बताया कि पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए साझा कार्यक्रमों पर चर्चा हुई है।
सुविधाएं बढ़ाने में मदद करेगी गुजरात सरकार
गुजरात के पर्यटन मंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश के ज्यादातर पर्यटन स्थल प्राकृतिक हैं, जबकि गुजरात में पर्यटन स्थलों को विकसित किया गया है। यूपी के पर्यटन स्थलों पर सुविधाएं बढ़ाने के लिए गुजरात सरकार अपनी कार्ययोजना सांझा करेगी। इसके अलावा अगले महीने मथुरा भ्रमण कर वहां पर्यटन को बढ़ावा देने की संभावना तलाशी जाएगी।