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Mahashivratri 2022: बाबा के माथे सजा फूलों का सेहरा, गूंजे मंगल गीत, चार पहर की आरती के साथ निभाया गया विवाह का लोकाचार 

Tue, 01 Mar 2022 09:47 PM IST
उत्पल कांत न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी

सार

सात बजे बाबा को फलाहार का भोग लगाया गया। दोपहर में ठंडई के साथ फलाहारी व्यंजन का भोग लगाकर दोपहर दो बजे संजीव रत्न मिश्र ने चल प्रतिमा का राजसी शृंगार किया।
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वाराणसी में महाशिवरात्रि के अवसर पर बाबा विश्वनाथ का सेहरा बांधकर दूल्हा बनाया गया। - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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महाशिवरात्रि पर श्री काशी विश्वनाथ धाम समेत शहर के शिवमंदिरों को सजाया गया और विवाह की परंपरा निभाई गई। महंत आवास पर बाबा की चल प्रतिमा का परंपरानुसार विवाह विश्वनाथ मंदिर के महंत आवास पर विधि-विधान से कराया गया। मंगलवार को महंत आवास पर ब्रह्म मुहूर्त में रजत प्रतिमाओं का विशेष पूजन हुआ।

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सात बजे बाबा को फलाहार का भोग लगाया गया। दोपहर में ठंडई के साथ फलाहारी व्यंजन का भोग लगाकर दोपहर दो बजे संजीव रत्न मिश्र ने चल प्रतिमा का राजसी शृंगार किया। शाम को बाबा को पगड़ी और फूलों का सेहरा सजाया गया। विवाह आयोजन के लिए गवनहिरयों की टोली संध्या बेला में जमा हुई और मंगल गीतों के बीच बाबा को सेहरा बांधा गया।

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सभी रस्में पूर्व महंत डॉ. कुलपति तिवारी के सानिध्य में र्हुइं। महंत डॉ. कुलपति तिवारी ने बताया लोक मान्यताओं के अनुसार महाशिवरात्रि पर विग्रह पूजन के बाद विश्वनाथ मंदिर के गर्भगृह में महंत परिवार द्वारा चार पहर की आरती के साथ विवाह का लोकाचार निभाया गया। बाबा के विवाहोत्सव पर आवास पर शिवांजलि के तहत कलाकारों द्वारा संगीत का कार्यक्रम भी प्रस्तुत किया गया।

काशी विश्वनाथ धाम में 12 हजार श्रद्धालुओं ने कराया ऑनलाइन पंजीकरण

श्रीकाशी विश्वनाथ मंदिर ट्रस्ट की ओर से जारी एप पर महाशिवरात्रि के दिन भी दर्शन के लिए पंजीकरण होता रहा। महाशिवरात्रि के दिन भोर के चार बजे से रात 11 बजे तक हर घंटे के स्लॉट के लिए शाम करीब छह बजे तक कुल 12 हजार 923 श्रद्धालुओं ने पंजीकरण कराया था। सुबह पांच से छह बजे की बुकिंग 1500 के बाद बंद कर दी गई थी।


बाकी अन्य स्लॉट की बुकिंग खुली हुई थी। लोग दोपहर बाद भी दर्शन के लिए बुकिंग करते रहे। सबसे ज्यादा भोर में चार से पांच बजे के दर्शन के लिए बुकिंग हुई थी। इस घंटे में दर्शन के लिए 3480 पंजीकरण हुए थे। वहीं पांच से छह बजे 1500 लोगों ने बुकिंग की थी। सबसे कम बुकिंग सात से आठ बजे के लिए थी। इस समय 181 लोगों ने बुक किया था। 
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महाशिवरात्रि पर जहां एक ओर पूरी काशी शिवमय थी तो वहीं सोशल मीडिया पर भी बाबा और बाबा का धाम छाया रहा है। आम हो या खास बाबा धाम या काशी के किसी भी शिवमंदिर में दर्शन करने के बाद सोशल मीडिया पर तस्वीरें साझा करता रहा। 
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