दस अप्रैल के ऐतिहासिक दिन को ग्रामीण दिवस घोषित करने की मांग काशी से उठी है। 1917 में इसी दिन राष्ट्रपिता महात्मा गांधी ने चंपारण से पहला सत्याग्रह आंदोलन शुरू किया था। यह आंदोलन कृषक उत्थान के साथ-साथ गांवों को आत्मनिर्भर और सशक्त बनाने के लिए था। अब काशी के युवाओं की संस्था होप वेलफेयर ट्रस्ट ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को खत लिखकर 10 अप्रैल को ‘राष्ट्रीय ग्रामीण दिवस’ घोषित करने की मांग की है।
अपने अभियान को आंदोलन का स्वरूप देने के लिए संस्था के सदस्यों ने 27 मार्च को आराजीलाइन विकास खंड के खुशियारी गांव में मानव शृंखला बनाने का एलान किया है। इस कार्यक्रम में प्रधानमंत्री के संसदीय क्षेत्र के 150 से अधिक ग्राम प्रधानों के शामिल होने का भी दावा किया गया है। मालूम हो कि होप वेलफेयर ट्रस्ट में बीएचयू, महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ, जवाहर लाल नेहरू विश्वविद्यालय और दिल्ली विश्वविद्यालय के विद्यार्थी और शोध छात्र शामिल हैं। यह ट्रस्ट सदस्यों के जेबखर्च से संचालित होता है। ट्रस्ट में फिलहाल 287 सदस्य हैं। ट्रस्ट ने खुशियारी गांव को गोद लिया है और सदस्य मिलकर उसे संवारने में जुटे हैं।
ट्रस्ट के मुखिया रवि मिश्रा बताते हैं, राष्ट्रीय ग्रामीण दिवस की मांग के समर्थन में 27 मार्च को गांव में मानव शृंखला बनाई जाएगी। इसमें बनारस के 150 से अधिक ग्राम प्रधान भी शामिल होंगे। इस मौके पर बीएचयू के प्रोफेसरों के साथ ग्राम प्रधानों की चर्चा भी होगी। गांव के विकास की दिशा कैसी हो, इस पर ग्राम प्रधानों की भी राय ली जाएगी। रवि ने बताया कि अभियान के पहले चरण में 11 हजार किसानों और उनके परिवार से जुड़े लोगों का एक हस्ताक्षरयुक्त ज्ञापन प्रधानमंत्री को भेजा जा चुका है। हस्ताक्षर अभियान में यूपी के अलावा बिहार, झारखंड, दिल्ली, मध्य प्रदेश, राजस्थान और पश्चिम बंगाल के किसानों का साथ मिला।