कैबिनेट मंत्री ओमप्रकाश राजभर
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उत्तर प्रदेश के कैबिनेट मंत्री ओमप्रकाश राजभर हर दिन अपने बयानों को लेकर नरम-गरम नजर आ रहे हैं। कभी अपनी ही सरकार पर हमलावर हो जाते हैं, तो कभी सहयोगी दल के तौर पर एकजुट होने का संकेत देते हैं।
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गठबंधन के साथी ओम प्रकाश राजभर का भाजपा विरोधी पार्टी के मंच पर जाने की खबर के बाद से राजनैतिक निहितार्थ निकाले जाने लगे थे। सूत्रों की मानें तो लोकसभा चुनाव के पूर्व ओमप्रकाश राजभर दबाव की राजनीति में जुट गए हैं।
भाजपा से गठबंधन करके विधानसभा में चार विधायकों की जीत के साथ प्रदेश में मंत्री बने। अब लोकसभा में सीटों को लेकर भाजपा पर दबाव बना रहे हैं ताकि अपने मंसूबे में कामयाब हो जाए।
दरअसल, भाजपा लोकसभा में सुभासपा को एक सीट देने के मूड में है जबकि ओमप्रकाश राजभर तीन सीट लेना चाहते हैं। माना जा रहा है इन्हीं सीटों के लिए वे लगातार भाजपा पर अपने बयानों से वार कर रहे हैं। अभी हाल ही में उन्होंने बयान दिया था कि 26 जून के बाद तूफान आएगा।
दो को अपना दल के मंच पर जाकर भाजपा को ब्लैकमेल करने की फिराक में थे ताकि चार को भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष के सामने अपनी मांगों को रख सके। राजनीतिक गलियारों में चर्चा यह भी है कि यदि सेटिंग सही नहीं हुई तो महागठबंधन के साथ सुभासपा जा सकती है। अब भाजपा के चाणक्य की रणनीति आगामी लोकसभा चुनाव की दशा और दिशा तय करेगी।