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PHOTOS: 11 अगस्त को ही दो साल पहले भी ओलंपिक मेडल पहुंचा था काशी, कांस्य जीतकर आए ललित; स्वागत में उमड़ी काशी

Sun, 11 Aug 2024 11:50 AM IST
प्रगति चंद अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी।

सार

ओलंपियन ललित उपाध्याय के आगमन को लेकर काशी के खिलाड़ियों में गजब का उत्साह देखने को मिला। एयरपोर्ट से काशी विश्वनाथ तक 25 किलोमीटर की यात्रा पूरी करने में तीन घंटे लग गए। 
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काशी विश्वनाथ धाम में ललित उपाध्याय - फोटो : मंदिर प्रशासन

ठीक दो साल बाद फिर से 11 अगस्त का दिन फिर से इतिहास का साक्षी बना। पिछली बार भी ललित उपाध्याय टोक्यो ओलंपिक में कांस्य पदक जीतकर 11 अगस्त 2022 को काशी पहुंचे थे। संयोग से रविवार को जब ललित पदक जीतकर काशी पहुंचे तब भी 11 अगस्त ही तारीख रही। मजेदार बात ये है कि ओलंपियन मोहम्मद शाहिद भी अगस्त महीने में ही पदक जीतकर काशी पहुंचे थे। शाहिद 29 जुलाई 1980 को मैच जीते थे और 5 अगस्त 1980 को काशी पहुंचे थे।

 

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काशी में ललित उपाध्याय का भव्य स्वागत - फोटो : अमर उजाला
रविवार को दोपहर पेरिस में ओलंपिक में कांस्य पदक जीतकर लौटे ललित उपाध्याय और राजकुमार पाल का शानदार स्वागत हुआ। एयर इंडिया के विमान से दोनों खिलाड़ी टर्मिनल एक से बाहर निकले। ललित उपाध्याय को बाबतपुर से काशी विश्वनाथ धाम तक करीब 25 किलोमीटर दूरी तय करने में तीन घंटे लग गए।

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ओलंपियन ललित के स्वागत को तिरंगा लेकर खड़े लोग - फोटो : अमर उजाला
ललित काशी विश्वनाथ धाम में करीब साढ़े तीन बजे पहुंचे और बाबा को अपना पदक अर्पित किया। इससे पहले बाबतपुर एयरपोर्ट के टर्मिनल एक के निकास द्वार पर हर हर महादेव के जयघोष और नगाड़ों की धुन पर उनका स्वागत हुआ। ललित उपाध्याय के स्वागत में हजारों की संख्या में खेल प्रेमी सुबह दस बजे से ही पहुंच गए थे। बाबतपुर से ललित और गाजीपुर के राजकुमार पाल अलग-अलग वाहन में सवार होकर रवाना हुए। राजकुमार पाल खेल प्रेमियों के साथ सड़क मार्ग से अपने गृह जनपद गाजीपुर रवाना हो गए। उन्होंने कहा कि यह देशवासियों के प्यार की जीत है।

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ललित उपाध्याय - फोटो : अमर उजाला
वाराणसी के भगतपुर निवासी ललित उपाध्याय खेल प्रेमियों के साथ काशी विश्वनाथ धाम के लिए रवाना हुए। रास्ते में शिवपुर में काफिले के स्वागत के लिए उनकी मां सड़क पर खड़ीं थीं। ललित ने अपनी मां के माथे से पदक को लगाया और काफिले के साथ काशी विश्वनाथ को पदक अर्पित करने रवाना हो गए। ललित उपाध्याय का जगह-जगह स्वागत किया गया। लोग सुबह 11 बजे से सड़क पर खड़े होकर राष्ट्रीय खिलाड़ी के स्वागत में तैयार थे। ललित उपाध्याय का काफिला बाबतपुर से शिवपुर, कोईराजपुर, होते हुए काशी विश्वनाथ धाम पहुंचा।
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ललित उपाध्याय - फोटो : अमर उजाला
यहां से दर्शन पूजन के बाद ललित अपने घर पहुंचे। यहां परिवार वालों ने घर में जाने से पहले ललित की आरती उतारी और फूल-माला पहनाकर स्वागत किया। इसके बाद ललित घर में बने शिवमंदिर में गए और पूजा-अर्चना की। इस दौरान यहां हजारों की संख्या में प्रशंसक मौजूद थे और हर-हर महादेव का उद्घोष कर रहे थे। ललित के पदक जीतने पर हॉकी वाराणसी के अध्यक्ष डॉ़ एके सिंह, पिता सतीष उपाध्याय, मां रीता उपाध्याय, बहन अंजली उपाध्याय ने खुशी का इजहार किया।
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ललित उपाध्याय - फोटो : अमर उजाला
ललित के साथ सेल्फी लेने की होड़
पूरे रास्ते हजारों लोग अपने चहते खिलाड़ी की एक नजर पाने को व्याकुल रहे। जगह-जगह लाेगों ने सेल्फी के लिए ललित के काफिले को रोका और हॉकी खिलाड़ी के साथ सेल्फी खिंचवाई। ललित ने भी किसी को निराश नहीं किया।
 
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ललित उपाध्याय के स्वागत में खड़े बच्चे - फोटो : अमर उजाला
पुराने खिलाड़ी भी पहुंचे
ओलंपिक में लगातार दूसरी बार पदक जीतकर रिकॉर्ड बनाने वाले भारतीय टीम के सदस्य ललित के स्वागत में काशी के पुराने हॉकी खिलाड़ी भी पहुंचे। ललित ने सबसे मुलाकात की और उनका आशीष लिया। इस दौरान पुराने खिलाड़ियों ने ललित के साथ फोटो भी क्लिक करवाई।

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ललित उपाध्याय के स्वागत में खड़े छात्र - फोटो : अमर उजाला
चक दे इंडिया के साथ लहराया तिरंगा
ललति का काफिला जहां-जहां से गुजर रहा था, लोग तिरंगे के साथ खड़े थे। लगभग पूरे रास्ते चक दे इंडिया गाना बजता रहा। कई स्थानों पर स्वागत के लिए डीजे सिस्टम लगाया गया था। डीजे पर भी गाने बजते रहे और काशीवासी हॉकी खिलाड़ी के स्वागत में झूमते रहे।
 
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ललित उपाध्याय - फोटो : अमर उजाला
एयरपोर्ट से सबसे ज्यादा भीड़, निकलने में लगे 10 मिनट
ललित के काफिले के काशी विश्वनाथ मंदिर तक पहुंचने तक रास्ते भर लोग स्वागत में सड़क किनारे खड़े रहे। हालांकि सबसे ज्यादा भीड़ एयरपोर्ट पर रही। यहां से लोग हटने को तैयार नहीं थे। टर्मिनल से पार्किंग तक पहुंचे में ललित को 10 मिनट लग गए।
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