उन्होंने कहा कि अगर नौकरी देनी ही है तो मुझे सीधी भर्ती दे दें या फिर स्पोर्ट्स में नौकरी दे दें। मैं प्रदेश में अपने लोगों की सेवा करने के लिए नौकरी करना चाहता हूं। अभी मैं बीपीसीएल में मैनेजर के पद पर नौकरी कर रहा हूं। ओलंपिक में खेलने के बाद दूसरे प्रदेशों में खिलाड़ियों को ढेर सारी सुविधाएं और नौकरी दी गई हैं, लेकिन अपने प्रदेश में ऐसा नहीं हो रहा है।
बढ़ाया देश का मान तो सरकार ने दिया था सम्मान
ओलंपिक में 41 साल बाद हॉकी में कांस्य पदक जीतने वाली टीम का हिस्सा रहे ललित कुमार उपाध्याय को प्रदेश सरकार ने पुलिस विभाग में विशेष कार्याधिकारी (ओएसडी) बनाने की घोषणा की थी। अपर मुख्य सचिव गृह अवनीश अवस्थी ने बताया था कि ललित के लिए समूह ख में यूपी लोकसेवा आयोग की परिधि के बाहर विशेष कार्याधिकारी का नि:संवर्गीय पद सृजित किया गया है। पदक जीतकर लौटने के बाद पीएम ने दावत दी थी और ललित से अलग से बात की थी। परिजनों ने भी खुशी जताते हुए कहा था कि पहली बार घर में किसी को वर्दी मिलेगी।