बेसिक शिक्षा विभाग में 2004 में चयनित व नियुक्ति पाने वाले शिक्षकों को पुरानी पेंशन नहीं मिल पा रही है। जिले में ऐसे शिक्षकों की संख्या 1643 हैं। जबकि जौनपुर में 2400, चंदौली में 400 व भदोही में 600 शिक्षक इस दायरे में आते हैं। जो अप्रैल 2005 के पहले चयनित तो हुए, लेकिन उन्हें स्कूल आवंटन में देरी का दंश झेलना पड़ रहा हैं। इस वजह से ही उन्हें पुरानी पेंशन योजना से बाहर रखा गया है। अब राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ की ओर से इस मुद्दे को प्रमुखता से उठाते हुए मुख्यमंत्री से गुहार लगाई गई है।
महासंघ की ओर से बेसिक शिक्षा विभाग सहित शासन, मुख्यमंत्री को जो पत्र भेजा गया है, उसमें उनकी मांग है कि केंद्र सरकार ने जिस प्रकार अधिसूचना जारी कर कर्मचारियों को पुरानी पेंशन या नई पेंशन चुनने का मौका दिया था। उसी प्रकार 2005 के पहले चयन व प्रशिक्षण प्राप्त कर चुके शिक्षकों को भी पुरानी पेंशन दी जाए।
महासंघ के प्रदेश संयुक्त मंत्री शशांक कुमार पांडेय का कहना है कि विशिष्ट बीटीसी प्रशिक्षण के प्रदेश में 46 हजार शिक्षकों का विज्ञापन चार जनवरी 2004 को जारी हुआ था। चयनित अभ्यर्थियों का मई में काउंसिलिंग व अगस्त में प्रशिक्षण पूरा हुआ। सभी चयनित जनवरी 2005 में प्रशिक्षित हो गए। अभ्यर्थी इंतजार करते रहे, लेकिन चयनितों को समय से स्कूल आवंटन नहीं किया। इस वजह से उनका समय बीतता गया, लिहाजा प्राथमिक स्कूलों में विशिष्ट बीटीसी के तहत चयनित होने वाले शिक्षकों के हाथ से पुरानी पेंशन फिसल गई।