एक-एक कर सभी बच्चों को बाहर निकाल लिया। इस दौरान बच्चे बेहोश हो चुके थे। देखते ही देखते वहां भारी भीड़ जमा हो गई। लोग बेहोश बच्चों को लेकर अस्पताल भागे। पास के एक निजी चिकित्सालय में एक घंटे के उपचार के बाद बच्चों की स्थिति सामान्य हो सकी।
घटना से परिजन पूरी तरह सहम गए थे। पूरे गांव में लोग जोखन की सराहना कर रहे थे। गांव के ग्रामप्रधान धीरेंद्र सिंह ने जोखन राम के साहस की सराहना करते हुए प्रशासन से उन्हें सम्मानित करने की मांग की है।