उत्तर प्रदेश में डीजीपी के निर्देश पर सभी थानों की तरफ से सोशल नेटवर्किंग बढ़ाने के लिए वाट्सएप पर थाने के नाम से वालंटियर ग्रुप बनाया गया है। थाना प्रभारी इसके ग्रुप एडमिन बनाए गए हैं। आजमगढ़ के कुछ थानों में ग्रुप में अश्लील फिल्में भेजी जा रहीं हैं। अश्लील वीडियो और फोटो भेजने वाले भी सिपाही ही हैं।
इस प्रकार का मामला देवगांव, गंभीरपुर सहित अन्य थाना क्षेत्रों में उजागर हुआ हैं। ग्रुप में शामिल संभ्रांत लोगों के विरोध पर आरोपियों पर कार्रवाई करने की बजाय अधिकारी मामले को दबाकर शांत हो गए।
बता दें कि इन ग्रुप का मुख्य उद्देशय बेहतर कानून व्यवस्था बनाए रखने, घटनाओं की तुरंत जानकारी, ज्वलंत मुद्दों को अधिकारियों तक पहुंचाने के लिए डीजीपी के निर्देश पर सभी थानों का अलग-अलग डिजिटेल वालंटियर वाट्सएप ग्रुप बनाया गया है।
इस ग्रुप के एडमिन थानाध्यक्ष, थाने के साइबर सेल आदि से संबंधित पुलिसकर्मियों को बनाया गया है। प्रत्येक थानों के ग्रुप में 250 से अधिक लोगों को शामिल किया जाना था। इसमें थाना क्षेत्र के रिटायर शिक्षक, सरकारी कर्मचारी, सेना के जवान, क्षेत्र के बड़े व्यापारी, सामाजिक क्षेत्र में काम करने वाले लोगों को जोड़ा जाना था।
ग्रुप बनाते समय पुलिसवालों महज खाना पूर्ति करते हुए उसमें थानों के सिपाही और दरोगा को भी जोड़ दिया। वर्तमान इनका स्थानांतरण होने पर ये दूसरे थानों में जा चुके हैं। इस ग्रुप में अश्लील फिल्म, अश्लील गानें और प्रचार संबंधी पोस्टर भेजे जा रहे हैं।