एनटीपीसी की ओर से राख से बनी सामग्री के उपयोग को बढ़ावा देने के लिए फ्लाई ऐश (राख) डिपो वाराणसी में बनाया जा रहा है। इसके माध्यम से ईंट निर्माण, ईंट के ब्लॉक, टाइल्स बनाने वाले उपयोगकर्ताओं को राख उपलब्ध होगी।
साथ ही 100 किमी तक राख परिवहन के लिए पूरा और 300 किमी तक आधा खर्च एनटीपीसी उठाएगा। इसकी घोषणा एनटीपीसी की ओर से शहर के कैंटोंमेंट स्थित होटल में आयोजित राख उपयोगकर्ताओं और ईंट भट्ठा मालिकों के सम्मेलन में की गई।
क्षेत्रीय कार्यकारी निदेशक केके सिंह ने बताया कि वाराणसी के बाद देश के अन्य शहरों में भी ये डिपो खोले जाएंगे। मुख्य अतिथि न्यायमूर्ति राजेश कुमार ने कहा कि आम जनता को राख के उपयोग की जानकारी दी जानी चाहिए। सरकारी निर्माण कार्य में भी राख का अधिक से अधिक उपयोग किया जाए, ताकि मिट्टी का दोहन कम हो।
महाप्रबंधक एके श्रीवास्तव ने कहा कि राख निर्माण कार्य पर्यावरण संरक्षण के लिए जरूरी है। सड़क निर्माण व सीमेंट कंपनी में इसका इस्तेमाल हो रहा है। मकान निर्माण में भी इसकी संभावनाएं हैं।