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काशी में पेंशन क्रांति का शंखनाद: बुढ़ापे की लाठी बनेगा एनपीएस, सुरक्षित होगा किसानों का भविष्य

Sat, 07 Feb 2026 11:20 AM IST
प्रगति चंद अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी।

सार

Varanasi News: वाराणसी में अमर उजाला वोनस और पेंशन फंड विनियामक एवं विकास प्राधिकरण (पीएफआरडीए) के संयुक्त सहयोग से बीज एनपीएस का, फसल पेंशन की विषय पर वित्तीय जागरूकता कार्यक्रम हुआ। इस दौरान विशेषज्ञों ने बताया कि एक मुट्ठी बचत से अपना कल सुरक्षित करें। 
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वित्तिय जागरूकता कार्यशाला में शामिल एफपीओ सदस्य - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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खेती मौसम के भरोसे चलती है, लेकिन बुढ़ापा किसी का इंतजार नहीं करता। ऐसे में सरकारी और कॉरपोरेट वर्ग के साथ अब किसानों को भी आर्थिक रूप से सुरक्षित भविष्य देने के की दिशा में कदम बढ़े हैं। इसी उद्देश्य से अमर उजाला वोनस और पेंशन फंड विनियामक एवं विकास प्राधिकरण (पीएफआरडीए) के संयुक्त सहयोग से शुक्रवार को बीज एनपीएस का, फसल पेंशन की विषय पर वित्तीय जागरूकता कार्यक्रम हुआ। 

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अंधरापुल स्थित एक होटल में आयोजित इस कार्यशाला का शुभारंभ सम उन्नति फाउंडेशन के अध्यक्ष अरविंद कुमार सिंह, पीएफआरडीए के मुख्य महाप्रबंधक आशीष कुमार, नाबार्ड के डीडीएम सुशील कुमार और बैंक ऑफ बड़ौदा के डीजीएम भोला नाथ त्रिवेदी सहित अन्य अतिथियों ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया। कार्यक्रम के दौरान एक डॉक्यूमेंट्री के माध्यम से पीएफआरडीए की यात्रा और पेंशन के लाभ विस्तार से बताए गए। इसके अलावा कार्यक्रम में मौजूद किसानों, महिलाओं और युवाओं को एनपीएस के लाभ, उसमें निवेश के तरीके बताए गए। 

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पीएफआरडीए के मुख्य महाप्रबंधक आशीष कुमार ने बताया कि देश में 60 वर्ष से अधिक आयु के लगभग 42% लोग आज भी आजीविका के लिए शारीरिक श्रम करने को मजबूर हैं। उन्होंने कहा कि 6% की वार्षिक दर से बढ़ती महंगाई और बढ़ते स्वास्थ्य खर्चों के बीच, बिना पेंशन के जीवन बद से बदतर हो सकता है। 2050 तक बुजुर्गों की संख्या बढ़कर 30 करोड़ से अधिक होने का अनुमान है। इसके लिए बचत और निवेश की आवश्यकता है।

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एफपीओ बनेंगे पेंशन दूत

कार्यक्रम की एक महत्वपूर्ण घोषणा किसान उत्पादक संगठनों (एफपीओ) को पेंशन एजेंट के रूप में नियुक्त करने को लेकर थी। सरकार अब एफपीओ के माध्यम से ग्रामीण क्षेत्रों में घर-घर तक पेंशन योजनाएं पहुंचाएगी। इसके लिए पीओपी को प्रति नामांकन 100 रुपये का प्रोत्साहन भी दिया जाएगा। सम उन्नति फाउंडेशन के अरविंद कुमार सिंह ने कहा कि किसानों को एनपीएस के जरिये सहारे की गारंटी दी जाएगी। 

महिलाओं की आयु, पुरुषों से पांच साल ज्यादा
नाबार्ड गाजीपुर के डीडीएम सुशील कुमार ने कहा कि महिलाओं की औसत आयु पुरुषों से 5-10 वर्ष अधिक होती है, इसलिए उनके लिए पेंशन की आवश्यकता सबसे अधिक है। वात्सल्य पेंशन योजना से अब बच्चों के भविष्य को पेंशन सुरक्षा के दायरे में लाया जा सकता है।
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