महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ के मुख्य परिसर में संचालित योग और नैचुरोपैथी की कक्षाएं अब गंगापुर परिसर में चलेंगी। प्राकृतिक चिकित्सा और योग की शिक्षा प्रकृति के करीब शांत वातावरण में स्थित परिसर में दी जाएगी। कोर्स के साथ-साथ इलाज के लिए ओपीडी का संचालन भी किया जाएगा। योग और नैचुरोपैथी डिप्लोमा कोर्स में लगभग 50 सीटों पर दाखिला लिया जाएगा। 30 मई से आवेदन लिए जाएंगे।
काशी विद्यापीठ मुख्य कैंपस में सत्र 2024-25 से दो नए कोर्स संचालित किए जाने हैं। दर्शन शास्त्र विभाग में एमए इन योगा पाठ्यक्रम में 66 सीटों पर प्रवेश लिया जाएगा। इसकी फीस 10 हजार रुपये प्रति सेमेस्टर निर्धारित की गई है।
मनोविज्ञान विभाग में पोस्ट ग्रेजुएट डिप्लोमा इन म्यूजिक थेरेपी (एक वर्षीय हाइब्रिड मोड) कोर्स चलेगा। इसमें 30 सीटों पर दाखिला लिया जाएगा। 50 सीटों वाले इस डिप्लोमा कोर्स के दौरान छात्र-छात्राओं को इलाज की पद्धति भी सिखाई जाएगी। विश्वविद्यालय के गंगापुर कैंपस ने नए सत्र के बैनर-पोस्टर में इस कोर्स का जिक्र भी किया है। काशी विद्यापीठ की कुलसचिव प्रो. सुनीता पांडेय के मुताबिक सत्र 2024-25 से योग और नैचुरोपैथी को गंगापुर परिसर में शिफ्ट किया जाएगा। इसके लिए जरूरी तैयारी की गई है।
बोले अधिकारी
शहर के मध्य में स्थित मुख्य परिसर में योग और नैचुरोपैथी का संचालन ठीक नहीं है। इसके लिए शांत और प्रदूषणमुक्त वातावरण होना चाहिए। इसलिए योग और नैचुरोपैथी का संचालन गंगापुर परिसर के शांत वातावरण और शुद्ध हवा में किया जाएगा।
- प्रो. एके त्यागी, कुलपति, महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ