शहर के कबीर नगर इलाके में भूमिगत केबिल बिछाए जाने और हेरिटेज लाइट लगाने से यहां के लोगों को बंदरों के आंतक से बहुत राहत मिली है। वे प्रधानमंत्री के इस पहल की भूरि-भूरि प्रशंसा कर रहे हैं।
दरअसल संकटमोचन मंदिर पास में होने के कारण यहां बंदरों का काफी आतंक था। वे बिजली के खंभों पर उछल-कूद मचाते थे और कई बार तार टूट जाता था। इससे कॉलोनी के लोगों को बहुत परेशानी होती थी।
प्रधानमंत्री मोदी के शपथ लेने के बाद यहां के लोगों ने पीएम को पत्र लिखकर उन्हें इस समस्या के बारे में बताया था। इसके बाद केंद्र सरकार ने गत वर्ष 18 सितंबर को कबीरनगर से इंटीग्रेटेड पावर डेवलपमेंट स्कीम (आईपीडीएस) लांच की।
प्रधानमंत्री मोदी के गुरुवार को कबीर नगर में आईपीडीएस के मॉडल वर्क का निरीक्षण करने के बाद अब उन्हें उम्मीद है कि इसके कार्यों में और तेजी आएगी। अब अस्सी से राजघाट के बीच बिजली के तार भूमिगत किए जाएंगे।
इंटीग्रेटेड पावर डेवलपमेंट स्कीम (आईपीडीएस) के तहत यहां 1100 किलोमीटर भूमिगत केबिल बिछाई जाएगी। हेरिटेज पोल लगाए जाएंगे। बिजली व्यवस्था को आधुनिक बनाया जाएगा।
कबीर नगर में आईपीडीएस के मॉडल वर्क के निरीक्षण के दौरान पीएम ने अधिकारियों से शहर के अन्य हिस्सों में इस योजना के कार्यों के बारे में जानकारी की। कबीर नगर में कराए गए कार्यों का डिस्प्ले बोर्ड लगाया गया था।
बिजली विभाग और आईपीडीएस से जुड़े अधिकारियों ने बताया कि कालोनी में करीब 58 किलोमीटर लंबी भूमिगत केबिल बिछाई गई है। हेरिटेज पोल भी लगाए जा चुके हैं।