काशी हिंदू विश्वविद्यालय के आगामी शैक्षणिक सत्र में दाखिले की प्रक्रिया गुरुवार से शुरू हो गई। आगामी सत्र से एक नई और सराहनीय पहल की भी शुरुआत की जा रही है। दूसरी शताब्दी में प्रवेश कर चुके बीएचयू ने छात्राओं के पक्ष में ऐतिहासिक फैसला लिया है। जी हां, बीए आर्ट्स और सामाजिक विज्ञान में अब छात्राएं भी पढ़ सकेंगी।
अब छात्राएं स्नातक स्तर पर भी कला संकाय और सामाजिक विज्ञान संकाय में पढ़ेंगी। अब छात्राओं के लिए यहां और कई विषयों में पढ़ाई के द्वार खुल गए हैं।
यूं तो बीएचयू में हर संस्थान और हर संकाय में छात्र और छात्राएं पढ़ते हैं लेकिन दो ऐसे पाठ्यक्रम थे, जिसमें केवल छात्रों का ही दाखिला होता था। कला संकाय और सामाजिक विज्ञान संकाय में संचालित बीए आर्ट्स और बीए सोशल साइंस में केवल छात्र पढ़ाई करते थे।
छात्राओं के लिए ये व्यवस्था महिला महाविद्यालय समेत बीएचयू से संबद्ध महाविद्यालय वसंता कॉलेज राजघाट, वसंत कन्या महाविद्यालय कमच्छा और आर्य महिला पीजी कॉलेज में ही थी।
पिछले दिनों यूनिवर्सिटी एडमिशन कोआर्डिनेशन बोर्ड की बैठक में इसका प्रस्ताव सामाजिक विज्ञान संकाय के पीपीसी ने रखा गया था और अन्य सभी संकायों व संस्थानों के सदस्यों ने इसका स्वागत किया। छात्राएं भी कई वर्षों से इसकी मांग कर रही थीं।
संकाय में बीए आर्ट्स व सोशल साइंस में छात्राओं को भी इस बार से दाखिला मिलेगा, लेकिन सीटें पहले जितनी ही हैं। कला संकाय में बीए आर्ट्स की कुल 614 सीटें हैं, जबकि सामाजिक विज्ञान संकाय में बीए सोशल साइंस की 460 सीटें हैं। अब इन्हीं सीटों में छात्राओं की भी भागीदारी होगी।
ये विषय पढ़ सकेंगी छात्राएं: अरबी, फारसी, कन्नड़, मराठी, पालि, तमिल, तेलुगू, नेपाली, जापानी, चीनी, जर्मन, फ्रेंच, रशियन, लिग्विंस्टिक्स, टूरिज्म एंड ट्रेवल मैनेजमेंट।