शिक्षकों ने आईएमएस निदेशक के आठ मार्च 2024 के उस पत्र का भी हवाला दिया था। जिसमें उन्होंने प्रो. ओमशंकर को एसएसबी का चौथा तल, पांचवा आंधा तल मरीजों के लिए देने की बात लिखी थी। उस पर निदेशक के हस्ताक्षर, आईएमएस के डीन की भी साइन थी। इसमें निदेशक ने एमएस को तत्काल कार्रवाई की बात भी कही थी।
विश्वविद्यालय प्रशासन की ओर से नोटिस जारी करने को लेकर शिक्षकों में नाराजगी है। शुक्रवार की शाम तक एक-एक कर सभी को नोटिस मिलने लगा। इधर जैसे ही नोटिस आया, सब शिक्षक एक दूसरे से पूछने लगे। बातचीत में शिक्षकों का कहना है कि मरीजों के हित में अगर कुलपति को पत्र देकर अपील किया गया तो यह कोई गलत नहीं है।
इस पर नोटिस जारी करना गलत है। अब शिक्षक विश्वविद्यालय प्रशासन के इस फैसले के विरोध में उतरने की तैयारी कर रहे हैं। अगले एक दो दिन में शिक्षक अधिकारियों से मिलकर इस पर आपत्ति जताने की तैयारी में भी हैं।