निजी विद्यालयों द्वारा शिक्षा का अधिकार (आरटीई) के नियमों का उल्लंघन कर तय शुल्क से ज्यादा लेने के मामले में वाराणसी जिले के 21 निजी विद्यालयों को नोटिस जारी किया गया है। इन विद्यालयों से अब कुल 1.29 लाख की वसूली भी की जाएगी। इन विद्यालयों को 15 दिनों के भीतर धनराशि सरकार के राहत कोष में जमा करनी होगी। ऐसा न करने पर स्कूलों की मान्यता रद्द की जाएगी।
निशुल्क व अनिवार्य बाल शिक्षा का अधिकार-2009 के तहत निजी स्कूलों में प्री-नर्सरी व कक्षा एक में सीट के सापेक्ष 25 फीसद मुफ्त दाखिला अलाभित समूह व दुर्बल आय वर्ग के बच्चों को देने का प्रावधान है। निजी विद्यालयों को शासन प्रति छात्र 450 रुपये प्रतिमाह की दर से शुल्क प्रतिपूर्ति देता है। लेकिन इसमें नियम यह है कि जिन विद्यालयों की फीस 200, 250, या 400 है, उन्हें उसी अनुसार फीस देय होगी। मगर कुछ विद्यालयों ने इस नियम का उल्लंघन करते हुए निर्धारित शुल्क से ज्यादा फीस ली है।
मामले का खुलासा समाजसेवी अनिल कुमार मौर्य द्वारा एक पीआईएल दायर करने पर सामने आया है। जिसमें उन्होंने शासन से शिकायत कर मामले की जांच करने की सिफारिश की थी। इसके बाद शासन ने इस मामले की जांच कराई। जिले में एडी बेसिक प्रवीण उपाध्याय ने जांच की तो पता चला कि 21 विद्यालयों ने आरटीई के तहत अपने निर्धारित शुल्क से ज्यादा फीस ली है।
एडी बेसिक ने इन विद्यालयों की सूची जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी को सौंपी दी है। इन विद्यालयों से शुल्क वसूली के साथ दोषियों पर कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। एडी बेसिक के आदेश पर बीएसए ने निजी विद्यालयों के प्रबंधकों, प्रधानाचार्यों को नोटिस जारी कर स्पष्टीकरण मांगा है।
इन स्कूलों को नोटिस जारी
अब्दुल कलाम बालिका शिक्षा समिति, अमर कीर्ति शिक्षा संस्थान जूनियर हाईस्कूल, अर्जन बाल शिक्षा निकेतन, दिप्ती कॉवेंट स्कूल, देववाणी प्राथमिक विद्यालय, ड्रीम लाइट पब्लिक स्कूल भट्टी लोहता, एरा पब्लिक स्कूल जूनियर हाईस्कूल, जीबीएस स्कूल सितापुर बड़ागांव, होली चाइल्ड स्कूल, जेआरएम मार्डन पब्लिक स्कूल, लार्ड कृष्णा परमानंदपुर, मंजूश्री शिक्षण संस्थान, न्यू स्ट्राबेरी किड्स सिकरौल, प्रबंधक पंडित राजनाथ पांडेय स्कूल, प्रज्ञा शिशु विहार रामनगर, सारन एकेडमी, सरस्वती शिक्षा निकेतन, सत्या कॉवेंट स्कूल लक्ष्मी मंदिर, श्रीराम जानकी बाल विद्यालय, सेंट जार्ज इंग्लिश स्कूल, वाराणसी टॉउन स्कूल।
आरटीई के तहत निजी विद्यालयों द्वारा निर्धारित शुल्क से ज्यादा फीस लेने की शिकायत की गई थी। जिसकी जांच कराई गई तो शिकायत सही मिली। इन विद्यालयों की सूची बीएसए को सौंपी दी है। अनियमितता करने वाले इन विद्यालयों से विभाग रिकवरी भी करेगा। -प्रवीण उपाध्याय, एडी बेसिक