सुप्रसिद्ध साहित्यकार पद्मश्री मनु शर्मा का पार्थिव शरीर गुरुवार की सुबह मणिकर्णिका महाश्मशान पर पंचतत्व में विलीन हो गया। राजकीय सम्मान के साथ उन्हें अंतिम विदाई दी गई। जिलाधिकारी योगेश्वर राम मिश्र और एसएसपी आरके भारद्वाज की मौजूदगी में सशस्त्र जवानों ने गार्ड ऑफ ऑनर दिया। मुखाग्नि बड़े पुत्र शरद शर्मा ने दी।
अंतिम संस्कार के समय घाट पर प्रदेश के विधि, न्याय मंत्री बृजेश पाठक, सैनिक कल्याण, होमगार्ड्स राज्य मंत्री अनिल राजभर, समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव राम गोपाल यादव समेत कई विधायक और विभिन्न दलों के नेताओं के अलावा साहित्य जगत से जुड़े लोग घाट पर मौजूद थे। लंबी बीमारी के बाद 89 वर्ष की अवस्था में मनु शर्मा का निधन बुधवार की सुबह बड़ी पियरी स्थित उनके आवास पर हो गया था।
मनु शर्मा के पार्थिव शरीर के अंतिम दर्शन के लिए सुबह से ही उनके घर पर लोगों का तांता लगा रहा। सुबह 8:45 बजे फूलों से सजे खुले वाहन पर उनका शव रखकर अंतिम यात्रा निकाली गई। इस दौरान परिवारीजनों, शुभेच्छुओं के अलावा साहित्य के सफर में उनके साथ रहे लोगों की आंखें नम हो गईं।
हर-हर महादेव के जयकारे के साथ शवयात्रा कबीर रोड, लोहटिया, मैदागिन, बुलानाला, नीचीबाग से चौक पहुंची। यहां विश्वनाथ मंदिर के शास्त्री अमरकांत और पर्यवेक्षक योगेंद्र गर्ग ने मंगला आरती का चंदन पार्थिव शरीर पर अर्पित किया।
इसके बाद शवयात्रा मणिकर्णिका घाट पहुंची। यहां डीएम की मौजूदगी में सशस्त्र जवानों ने गार्ड ऑफ ऑनर दिया। एसएसपी ने सलामी दी। इस दौरान उनके शव पर पुष्प अर्पित करने वालों का तांता लगा रहा। लोग उनके छोटे पुत्र हेमंत शर्मा के अलावा अन्य परिवारीजनों को ढांढस बंधा रहे थे।
महामंडलेश्वर संतोष दास सतुआ बाबा, विधायक सौरभ श्रीवास्तव, सुरेंद्र नारायण सिंह, नीलरतन पटेल नीलू, एमएलसी लक्ष्मण आचार्य, सपा के पूर्व मंत्री सुरेंद्र सिंह पटेल, पूर्व मंत्री राकेश धर त्रिपाठी, चंदौली के पूर्व सांसद रामकिशुन यादव, सरयूपारीण ब्राह्मण परिषद के अध्यक्ष सतीश चंद्र मिश्र, दयाशंकर मिश्र दयालु, अशोक तिवारी, अशोक पांडेय के अलावा साहित्यकार डॉ. जितेंद्र नाथ मिश्र, डॉ. गया सिंह, डॉ. पवन कुमार शास्त्री समेत सैकड़ों लोगों ने घाट पर नम आंखों से उन्हें अंतिम विदाई दी।