आयकर महानिदेशक (जांच) आशु जैन
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नोटबंदी के दौरान बैंक खातों में जमा रुपयों की जांच मार्च, 2019 तक चलेगी। बैंकों से पूरा विवरण लेकर हर खाते की जांच की जा रही है। नोटबंदी के दौरान आय से अधिक और गलत तरीके से रुपये जमा करने वालों पर कार्रवाई भी होगी।
यह जानकारी गुरुवार को उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड के आयकर महानिदेशक (जांच) आशु जैन ने आयकर भवन में पत्रकारों को दी। उन्होंने कहा कि विभाग आयकरदाताओं और सभी संदिग्ध खाताधारकों को ई-मेल, एसएमएस और नोटिस भेजकर बुलाएगा और उनसे पूछताछ होगी।
उन्होंने कहा कि अवैध रुपये जमा करने वाले खाताधारक गलतफहमी में न रहें कि नोटबंदी का दौर खत्म हो गया तो उसी के साथ जांच भी खत्म हो गई, ऐसा नहीं है। जांच आगे भी जारी रहेगी।
महानिदेशक ने कहा कि आयकर विभाग द्वारा अघोषित आय को स्वघोषित कर लाभ देने की योजना के बाद नोटबंदी के दौरान बहुत से लोगों ने प्रधानमंत्री गरीब कल्याण योजना के तहत अपनी आय घोषित की। उप्र और उत्तराखंड में कुल छह सौ करोड़ की धनराशि जमा हुई।
देश भर में ऐसे 18 लाख बैंक खातों की पहचान हुई जिनमें आय से अधिक रुपये जमा किए गए। इनमें एक लाख खाते उत्तर प्रदेश में और करीब 15 हजार वाराणसी समेत पूर्वांचल के जिलों में हैं। नोटबंदी के दौरान बैंक खातों में ढाई लाख रुपये से अधिक धनराशि जमा करने वालों की पहचान कर ली गई है।
महानिदेशक ने कहा कि नोटबंदी के दौरान जनधन योजना के तहत खुले खातों में भी काफी धन जमा हुआ। विधानसभा चुनाव के दौरान वाराणसी समेत पूर्वांचल में अवैध सात करोड़ रुपये पकड़े गए।
डीजी ने कहा कि क्रेडिट कार्ड के माध्यम से एक लाख रुपये से अधिक का भुगतान किया गया है तो धारक को इसका हिसाब देना होगा। कोई भी कंपनी यदि दस लाख रुपये या इससे अधिक का बांड, म्यूचुअल फंड या शेयर किसी एक व्यक्ति को जारी करती है तो कंपनी को भी इसका हिसाब देना पड़ेगा।