आधा दर्जन ट्रेनें पहुंचीं 6 घंटे की देरी से
घने कोहरे से गिरती ओस की बूंदों से बृहस्पतिवार को हर कोई प्रभावित हुआ। आम से लेकर खास तक कोहरे की मार से लाचार दिखे। किसी की ट्रेन समय से नहीं पहुंची तो कोई विमान के इंतजार में सुबह से दोपहर तक एयरपोर्ट पर बैठा रहा।
लखनऊ-आगरा से आने वाली रोडवेज की एसी बस भी अपने निर्धारित समय से दो-तीन घंटे की देरी से पहुंची। यही वजह रही कि सबसे ज्यादा परेशानियों का सामना यात्रियों को करना पड़ा। लेटलतीफी की शिकार ट्रेनों की सूचनाएं रेल यात्रियों को समय पर नहीं मिलने से जहां नाराजगी रही तो वहीं एयरपोर्ट पर यात्रियों को एयरलाइंस कंपनियों की ओर से नाश्ता-पानी कराया गया।
कुंद हुई आधा दर्जन ट्रेनों की रफ्तार
वाराणसी। उत्तर रेलवे के कैंट स्टेशन पर यात्रियों को परेशानियों का सामना करना पड़ा। अपने निर्धारित समय से साढ़े छह घंटे की देरी से पहुंची फरक्का एक्सप्रेस, मरूधर एक्सप्रेस छह घंटे, जलियावाला बाग एक्सप्रेस 3 घंटे, बुंदेलखंड एक्सप्रेस 3 घंटे, ताप्ती गंगा 5 घंटे, किसान एक्सप्रेस और गरीब रथ एक्सप्रेेस 6 घंटें लेट रही।
उधर, नई दिल्ली-मंडुवाडीह सुपरफास्ट एक्सप्रेस लगातार दूसरे दिन भी पांच घंटे और शिवगंगा एक्सप्रेस दो घंटे की देरी से मंडुवाडीह रेलवे स्टेशन पर पहुंची। जिससे यात्रियों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ा।
रोडवेज यात्रियों को होना पड़ा परेशान
आगरा-मथुरा-लखनऊ रूट की एसी बसों की रफ्तार भी थम गई है। सुबह पहुंचने वाली कानपुर की बस अपने निर्धारित समय से दो घंटे की देरी से बस स्टेशन पर पहुंची। कैंट, ग्रामीण और काशी डिपो की अधिकतर वातानुकूलित बसों के समय से नहीं पहुंचने से यात्रियों को बस स्टेशन पर इंतजार करना पड़ा।
उधर, ठंड को देखते हुए साधारण बसों में यात्रियों का टोटा हो गया है। दोपहर दो बजे तक करीब एक दर्जन बसों के पहिए यात्रियों के अभाव में थमे रहे। रोडवेज अधिकारियों ने बताया कि ठंड के चलते साधारण बसों को कम यात्री मिल रहे हैं।