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उत्तर भारत के प्रमुख बाबतपुर एयरपोर्ट पर बैठने की पर्याप्त सुविधा नहीं, फर्श पर बैठ रहे यात्री

Thu, 26 Dec 2019 09:54 PM IST
स्‍वाधीन तिवारी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी
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फर्श पर बैठे यात्री - फोटो : ं
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बाबतपुर एयरपोर्ट पर घरेलू यात्रियों के लिए 150 रुपये और अंतरराष्ट्रीय यात्रियों के लिए 1127 रुपये यूडीएफ (यूजर डेवलपमेंट फीस) है, उसके बदले एयरपोर्ट अथॉरिटी यात्रियों को बैठने, शौचालय, पेयजल, मुफ्त इंटरनेट सहित अन्य सुविधाएं मुहैया कराता है।

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लेकिन बेहद अफसोस की बात है कि वाराणसी एयरपोर्ट पर बैठने की भी सुविधा पर्याप्त नहीं है जबकि यह एयरपोर्ट उत्तर भारत का सबसे महत्वपूर्ण एयरपोर्ट है।  लगभग 800 यात्री क्षमता वाले टर्मिनल बिल्डिंग में एक साथ हजारों यात्री होने के कारण एयरपोर्ट की व्यवस्था ध्वस्त नजर आई।

क्योंकि सुबह से अपराह्न 3 बजे तक किसी भी विमान के आवागमन नहीं करने के चलते सभी यात्री एक साथ टर्मिनल में इकट्ठा हुए। करीब 2500-3000 यात्रियों के होने से व्यवस्था प्रभावित हुई। जबकि प्रस्थान हाल और सिक्योरिटी होल्ड एरिया मिलाकर कुल लगभग 500-700 ही कुर्सियां लगी है। ऐसे में सैकड़ों यात्रियों को फर्श पर बैठकर विमान का इंतजार करना पड़ा।

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सीढ़ियों पर बैठे यात्री

आधा दर्जन ट्रेनें पहुंचीं 6 घंटे की देरी से

घने कोहरे से गिरती ओस की बूंदों से बृहस्पतिवार को हर कोई प्रभावित हुआ। आम से लेकर खास तक कोहरे की मार से लाचार दिखे। किसी की ट्रेन समय से नहीं पहुंची तो कोई विमान के इंतजार में सुबह से दोपहर तक एयरपोर्ट पर बैठा रहा।

लखनऊ-आगरा से आने वाली रोडवेज की एसी बस भी अपने निर्धारित समय से दो-तीन घंटे की देरी से पहुंची। यही वजह रही कि सबसे ज्यादा परेशानियों का सामना यात्रियों को करना पड़ा। लेटलतीफी की शिकार ट्रेनों की सूचनाएं रेल यात्रियों को समय पर नहीं मिलने से जहां नाराजगी रही तो वहीं एयरपोर्ट पर यात्रियों को एयरलाइंस कंपनियों की ओर से नाश्ता-पानी कराया गया।

फर्श पर बैठे यात्री - फोटो : ं

कुंद हुई आधा दर्जन ट्रेनों की रफ्तार

वाराणसी। उत्तर रेलवे के कैंट स्टेशन पर यात्रियों को परेशानियों का सामना करना पड़ा। अपने निर्धारित समय से साढ़े छह घंटे की देरी से पहुंची फरक्का एक्सप्रेस, मरूधर एक्सप्रेस छह घंटे, जलियावाला बाग एक्सप्रेस 3 घंटे, बुंदेलखंड एक्सप्रेस 3 घंटे, ताप्ती गंगा 5 घंटे, किसान एक्सप्रेस और गरीब रथ एक्सप्रेेस 6 घंटें लेट रही।

उधर, नई दिल्ली-मंडुवाडीह सुपरफास्ट एक्सप्रेस लगातार दूसरे दिन भी पांच घंटे और शिवगंगा एक्सप्रेस दो घंटे की देरी से मंडुवाडीह रेलवे स्टेशन पर पहुंची। जिससे यात्रियों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ा।
 
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फर्श पर बैठे यात्री - फोटो : ं

रोडवेज यात्रियों को होना पड़ा परेशान

आगरा-मथुरा-लखनऊ रूट की एसी बसों की रफ्तार भी थम गई है। सुबह पहुंचने वाली कानपुर की बस अपने निर्धारित समय से दो घंटे की देरी से बस स्टेशन पर पहुंची। कैंट, ग्रामीण और काशी डिपो की अधिकतर वातानुकूलित बसों के समय से नहीं पहुंचने से यात्रियों को बस स्टेशन पर इंतजार करना पड़ा।

उधर, ठंड को देखते हुए साधारण बसों में यात्रियों का टोटा हो गया है। दोपहर दो बजे तक करीब एक दर्जन बसों के पहिए यात्रियों के अभाव में थमे रहे। रोडवेज अधिकारियों ने बताया कि ठंड के चलते साधारण बसों को कम यात्री मिल रहे हैं।
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