दक्षिण भारत की रहने वाली एक महिला तीर्थ यात्री रिक्शे से गोदौलिया चौराहे पर पहुंची।गोदौलिया-दशाश्वमेध नो व्हीकल जोन होने के कारण रिक्शे को आगे जाने से रोक दिया गया। तब बुजुर्ग महिला ने मदद की गुहार लगाई।
खाकी पहने पुलिसकर्मी कई भूमिका में अपना किरदार निभाते नजर आते हैं। अपराधी के लिए क्रूर तो बुजुर्गों के सेवक, महिलाओं के रक्षक, बच्चों के अभिभावक और मुसीबत में फंसे व्यक्ति के लिए मददगार। वाराणसी के गोदौलिया-दशाश्वमेध नो व्हीकल जोन में बुधवार को बुजुर्ग महिला के लिए ट्रैफिक पुलिसकर्मी सहारा बना।
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ड्यूटी के दौरान ट्रैफिक पुलिसकर्मी धर्मेंद्र ने महिला को व्हील चेयर उपलब्ध कराया और काशी विश्वनाथ धाम तक पहुंचने में मददगार बना। दरअसल, दक्षिण भारत की रहने वाली एक महिला तीर्थ यात्री रिक्शे से गोदौलिया चौराहे पर पहुंची तो ड्यूटी के दौरान पुलिस कर्मियों ने नो व्हीकल जोन का हवाला देते हुए आगे जाने से रोक दिया।
महिला ने असहाय और लाचार का हवाला देते हुए बाबा विश्वनाथ धाम के दर्शन पूजन की इच्छा जताई, बोली कि अब कैसे पैदल उतना दूर जाएंगे। इस पर ड्यूटी पर तैनात ट्रैफिक पुलिसकर्मी धर्मेंद्र ने तुरंत व्हील चेयर का प्रबंध कराया और उन्हें विश्वनाथ मंदिर तक व्हील चेयर से पहुंचवाया। कमिश्नरेट पुलिस की इस व्यवस्था से खुश महिला तीर्थयात्री ने पुलिसकर्मियों को काफी साधुवाद दिया।