आईएमएस बीएचयू के ट्रॉमा सेंटर में सोमवार को मरीजों की सुविधा के लिए हाइपरबेरिक ऑक्सीजन थेरेपी (एचबीओटी) की शुरुआत हुई। बीएचयू के पूर्व रेक्टर प्रो. वीके शुक्ला, महामना कैंसर संस्थान के निदेशक डॉ. एस प्रधान ने उद्घाटन कर इस सुविधा को मरीजों को समर्पित किया। इस थेरेपी के प्रयोग से सर्जरी के समय मरीजों को ऑक्सीजन की कमी नहीं होने पाएगी।
ट्रॉमा सेंटर में घटनाओं में घायल मरीजों की इमरजेंसी में सर्जरी करनी पड़ती है। ट्रॉमा सेंटर प्रभारी प्रो. सौरभ सिंह ने बताया कि एचबीओटी एक दबाव वाले कक्ष के भीतर ऑक्सीजन का प्रबंधन करता है। थर्मल बर्न, कार्बन मोनो ऑक्साइड विषाक्तता, मधुमेह सहित स्थितियां, घाव न भरने वाले अल्सर, ऑस्टियोमाइलाइटिस आदि के उपचार में इसका प्रयोग किया जाता है। इससे चोटों से जूझ रहे व्यक्तियों के उपचार में भी राहत होगी।
प्रो. वीके शुक्ल ने कहा कि हाइपरबेरिक ऑक्सीजन थेरेपी सुविधा का चालू होने से सर्जरी के समय ऑक्सीजन की जरूरत को पूरा किया जा सकेगा। महामना पंडित मदन मोहन मालवीय कैंसर संस्थान के निदेशक प्रो. एस प्रधान ने कहा कि इस तरह की सेवा की शुरुआत मरीजों के बेहतर इलाज के लिए बड़ी पहल है। इस दौरान ट्रॉमा सेंटर में आधुनिक सुविधाओं वाली मशीनीकृत लॉन्ड्री का भी उद्घाटन हुआ। कार्यक्रम में डॉ. गगनदीप भनोट, प्रो. राजेश मीना, प्रो. कविता मीना, प्रो. अंकुर सिंह आदि लोग मौजूद रहे।