प्रदेश के प्रमुख सचिव ऊर्जा एवं पावर कॉरपोरेशन के चेयरमैन आलोक कुमार ने कहा कि प्रदेश के 62 लाख घर ऐसे हैं, जहां बिजली पहुंचाने के लिए हमारे पास व्यवस्था का अभाव है। धनाभाव के कारण हम इन घरों तक फिलहाल बिजली पहुंचाने में सक्षम नहीं हैं।
इसके लिए केंद्र सरकार से बजट मांगा जाएगा। उन्होंने कहा कि दिसंबर, 2018 तक प्रदेश के हर घर में बिजली पहुंचेगी। ये बातें उन्होंने गुरुवार को भिखारीपुर स्थित पूर्वांचल विद्युत वितरण निगम के एमडी कार्यालय में पत्रकारों से बातचीत में कहीं।
चेयरमैन ने कहा कि प्रदेश में 2.80 करोड़ घर ऐसे हैं जो बिजली से वंचित हैं। इनमें से 62 लाख घर ऐसे स्थान पर हैं जहां बिजली पहुंचाने के लिए उपकेंद्र, पोल, तार, ट्रांसफार्मर आदि की व्यवस्था की जानी है। इन बस्तियों को ऊर्जीकृत करने के लिए केंद्र सरकार से हरी झंडी मिल चुकी है।
ऐसी बस्तियों को चिह्नित करने का काम प्रदेश स्तर शुरू किया जा चुका है। अक्तूबर तक सर्वे पूरा कर प्रस्ताव बनाकर केंद्र सरकार को भेजा जाएगा। केंद्र से पैसा मिलते ही इन बस्तियों को रोशन किया जाएगा। उम्मीद है कि यह काम इसी साल नवंबर से शुरू हो जाएगा।
उन्होंने कहा कि सभी वंचित घरों तक बिजली पहुंचाने के लिए हर जिले का मास्टर प्लान बनाया गया है। इस प्लान के तहत चरणबद्ध तरीके से हर घर तक बिजली पहुंचाई जाएगी।
एजेंसी के खिलाफ जांच कर दर्ज कराएं एफआईआर
पावर कारपोरेशन के चेयरमैन आलोक कुमार ने भिखारीपुर स्थित पूर्वांचल विद्युत वितरण निगम लिमिटेड कार्यालय में अध्यक्ष ने केंद्र सरकार की योजनाओं की प्रगति की समीक्षा की।
इस दौरान दीनदयाल उपाध्याय ग्रामीण ज्योति योजना, आईपीडीएस, आरएपीडीआरपी, बिजनेस प्लान, व्यापार विकास निधि के कार्यों की प्रगति जानी। इस दौरान उन्होंने जौनपुर में पोल को मानक के अनुसार गहराई किए बिना लगाने और प्रोजेक्ट मॉनीटरिंग एजेंसी (पीएमए) की जानकारी के बाद लाल पेंट से छिपाने के मामले की जांच कर जिम्मेदारों पर एफआईआर कराने के निर्देश दिए।