वाराणसी। सावन का महीना शुरू हो चुका है, लेकिन अपेक्षित बारिश अब तक नहीं हो सकी है। अगस्त महीने की शुरुआत हो गई है। सामान्य परिस्थितियों में इन दो महीनों में करीब 405 मिलीमीटर वर्षा होनी चाहिए थी, लेकिन अब तक केवल 196 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई है। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, मानसून ट्रफ एक बार फिर दक्षिण की ओर खिसक गई है। इसी कारण फिलहाल अच्छी बारिश की संभावना कम दिखाई दे रही है।
मौसम विभाग के अनुसार मानसून का सीजन जून से सितंबर तक माना जाता है। इस अवधि में वाराणसी में सामान्यतः 901 मिलीमीटर वर्षा होती है। इसमें जून में 111 मिलीमीटर, जुलाई में 294 मिलीमीटर, अगस्त में 264 मिलीमीटर और सितंबर में 232 मिलीमीटर वर्षा का औसत निर्धारित है। इस वर्ष वाराणसी में मानसून की दस्तक एक जुलाई को हुई। जुलाई में बीच-बीच में बारिश हुई, लेकिन पर्याप्त वर्षा नहीं होने के कारण उमस और गर्मी से लोगों को राहत नहीं मिल सकी। पिछले तीन-चार दिनों से दिन में तेज धूप पड़ रही है, जिससे मई-जून जैसी गर्मी का अहसास हो रहा है। हवा की गति भी कम रहने से लोगों की परेशानी बढ़ गई है। शुक्रवार की तरह शनिवार को भी लोगों को तीखी धूप का सामना करना पड़ा।
तापमान की बात करें तो शुक्रवार को अधिकतम तापमान 35.3 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया था, जो शनिवार को बढ़कर 36.7 डिग्री सेल्सियस हो गया। यह सामान्य से 3.5 डिग्री सेल्सियस अधिक रहा। वहीं, न्यूनतम तापमान भी सामान्य से 1.1 डिग्री सेल्सियस अधिक 27.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। बीएचयू के मौसम वैज्ञानिक प्रो. मनोज श्रीवास्तव ने बताया कि मानसून ट्रफ दक्षिण की ओर खिसक गई है। इसी वजह से फिलहाल अच्छी बारिश के आसार नहीं हैं। हालांकि, अगले सप्ताह से मौसम में बदलाव की संभावना है।