हरि प्रबोधिनी एकादशी और मकर संक्रांति से पहले विवाह के मात्र दो मुहूर्त हैं। एक 10 को, जबकि दूसरा 15 दिसंबर को है। इसके बाद 16 से खरमास लगेगा जो 14 जनवरी तक रहेगा। इसलिए 14 के बाद ही शहनाई बजेंगी।
धनु और मीन राशि बृहस्पति ग्रह की राशियां हैं। इनमें सूर्य के प्रवेश करते ही खरमास दोष लग जाता है और सभी शुभ कर्म वर्जित हो जाते हैं। इस बार सूर्य रविवार 16 दिसंबर को सायं 6.25 बजे धनु राशि में प्रवेश कर रहे हैं। इसलिए 16 दिसंबर से लेकर 14 जनवरी 2019 तक खरमास दोष रहेगा।
ज्योतिषाचार्य पं गणेश प्रसाद मिश्र ने बताया कि पृथ्वी पर शक्ति का अक्षय स्रोत भगवान सूर्य का प्रकाश है। काल गणना इन्हीं से होती है। इसी प्रकार गुरु को भी ज्योतिष में मंत्री, पुरोहित, ज्ञान और सुख का कारक माना गया है।