विद्या परिषद के प्रस्ताव और वित्त समिति के बजट के फैसले ईसी में पास
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महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ में अब किसी तरह का सर्टिफिकेट कोर्स नहीं चलेगा। डिग्री कोर्स में ही दाखिला लिया जाएगा। सोमवार को विद्या परिषद की बैठक में इसका फैसला लिया गया। इसके साथ ही पीएचडी में यूजीसी के नए शोध अध्यादेश के आधार पर ही दाखिला लिया जाएगा।
उधर विद्या परिषद के इस फैसले पर कार्यपरिषद ने भी मुहर लगा दी।
कुलपति डॉ. पृथ्वीश नाग की अध्यक्षता में पुस्तकालय समिति कक्ष में हुई विद्या परिषद की बैठक में कई अहम बिंदुओं पर चर्चा हुई। कुलसचिव ओमप्रकाश ने बताया कि बैठक में इस साल होने वाले शोध प्रवेश की नियमावली पर विस्तृत चर्चा हुई।
इसमें यूजीसी की ओर से पांच मई, 2016 को जारी शोध अध्यादेश को जोड़ने का फैसला हुआ। इस बार का प्रवेश नए अध्यादेश से ही होगा। बताया कि अभी तक शैक्षिक योग्यता को जोड़ा जाता रहा है लेकिन इस बार ऐसा नहीं होगा। शोध उपाधि समिति के नियमानुसार ही शोध में दाखिला लिया जाएगा।
कार्य परिषद की मुहर लगने के बाद उसे लागू करते हुए शोध प्रवेश परीक्षा में उत्तीर्ण अभ्यर्थियों की सूची विभागों को भेजी जाएगी। इसके अलावा विश्वविद्यालय में किसी तरह के सर्टिफिकेट कोर्स न चलाने का फैसला लिया गया।
बताया कि पर्यटन अध्ययन संस्थान, मानवाधिकार विषयक सर्टिफिकेट कोर्स के लिए आए प्रस्ताव को रिजेक्ट कर दिया गया है। उधर कार्यपरिषद ने विद्या परिषद के इस फैसले के साथ ही 18 मार्च को हुई वित्तसमिति में विश्वविद्यालय के बजट पर लिए गए निर्णय पर भी अपनी मुहर लगा दी।