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नितिन नवीन के टिप्स: पूर्व विधायकों, जिलाध्यक्षों के घर जाकर चाय पीएंगे पदाधिकारी; नाराजगी दूर करने की रणनीति

Fri, 09 Oct 2026 06:01 AM IST
Aman Vishwakarma अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी।

सार

भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने वर्तमान पदाधिकारियों और जनप्रतिनिधियों को पूर्व विधायकों व जिलाध्यक्षों के घर जाकर चाय पीने का लक्ष्य दिया। चुनाव से पहले पुराने-नए कार्यकर्ताओं को सक्रिय करने और नाराजगी दूर करने की रणनीति बनाई गई। उन्होंने टिकट के लिए पैरवी न करने की हिदायत दी। दूसरे दिन चार बैठकें कीं और 100 बुजुर्गों से संवाद किया।
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राष्ट्रीय अध्यक्ष ने बनाई रणनति। - फोटो : अमर उजाला
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भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने बुधवार को गोकुल धाम में चार बैठकें कीं और संगठन को सक्रिय बनाने का लक्ष्य तय किया। उन्होंने कहा कि वर्तमान जिलाध्यक्ष और महानगर अध्यक्ष पहले तैनात रहे तीन-तीन जिलाध्यक्ष-महानगर अध्यक्ष के घर जाएंगे। चाय पीकर उनसे संवाद करेंगे। इसी तरह विधायक और एमएलसी को पूर्व विधायक, पूर्व एमएलसी के घर जाकर चाय पीएंगे। पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष की इस पहल को नए और पुराने कार्यकर्ताओं, पूर्व पदाधिकारियों की नाराजगी दूर की कोशिश मानी जा रही है।

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राष्ट्रीय अध्यक्ष ने कहा कि आगामी विधानसभा चुनाव के लिए पदाधिकारी किसी के टिकट की पैरवी नहीं करेंगे। जिसका अपना वोट बैंक रहेगा और जीतने वाला होगा, उसे ही टिकट दिया जाएगा। कार्यकर्ताओं को आगे बढ़ाया जाएगा।

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दो दिवसीय काशी दौरे के अंतिम दिन भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष ने करीब 100 बेबी बूमर्स (बुजुर्गों) से भी संवाद किया। जिलाध्यक्ष रह चुके सुरेंद्र सिंह से बात की और सुझाव लिए। सुरेंद्र सिंह तब जिलाध्यक्ष थे जब वाराणसी, मिर्जापुर और भदोही को मिलाकर एक ही जिला होता था। क्षेत्र, प्रदेश के पदाधिकारियों के साथ बैठक में पूर्व पदाधिकारियों की नाराजगी दूर करने पर जोर दिया गया। 

इसके बाद जिलाध्यक्ष, जिला प्रभारी, क्षेत्र पदाधिकारी, क्षेत्र में निवास करने वाले प्रदेश पदाधिकारियों की बैठक हुई। इन सबको हर महीने चार संगठनात्मक बैठकें करने की जिम्मेदारी दी गई। इनमें जिला पदाधिकारियों, मंडल और शक्ति केंद्र के संयोजकों की बैठक शामिल रहेगी। महीने के अंतिम रविवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मन की बात कार्यक्रम के बाद बूथ कमेटियों की चौथी बैठक होगी। इसके जरिये हर बूथ पर दस लोगों को सक्रिय किया जाएगा।

ये हैं बेबी बूमर्स: 1946 से 1964 के बीच पैदा हुए लोगों को बेबी बूमर्स कहा जाता है। इनमें 62 से 80 साल तक के बुजुर्ग शामिल रहते हैं।

बैठकों में इनकी उपस्थिति रही
भाजपा की राष्ट्रीय महासचिव स्मृति ईरानी, राष्ट्रीय मंत्री एवं प्रदेश के सह प्रभारी जगदीश पटेल, दिलीप पटेल, अशोक चौरसिया, काशी क्षेत्र के प्रभारी रमेश सिंह, शंकर गिरी, कौशलेंद्र पटेल, नवरतन राठी, अमित राय, राकेश शर्मा, विपिन सिंह, अनिल श्रीवास्तव, अनूप जायसवाल, विद्याधर तिवारी, अजीत रावत, अनीता त्रिपाठी, कविता पटेल, अवधेश गुप्ता, जगदीश त्रिपाठी,देवेंद्र मौर्या, प्रवीण सिंह गौतम,मधुकर चित्रांश,उत्तम ओझा, अनिल गुप्ता, संतोष सोलापुरकर, शैलेंद्र मिश्रा,सोनू पंडित,अखंड सिंह, राजेश राजभर, रामसुंदर निषाद, सतीश पांडे, इंद्र भूषण चौधरी, रमेश पांडे, विजय यादव, सुनीता सिंह, समीर सिंह, दिनेश सिंह।
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प्रबुद्धजनों ने लैंड बैंक का मुद्दा उठाया, कहा- लोग निवेश करना चाहते हैं लेकिन पर्याप्त जमीन नहीं
भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन और प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी ने बुधवार को होटल ताज में काशी के प्रबुद्धजनों और उद्यमियों के साथ चाय पर चर्चा की। उनकी समस्याएं सुनीं। साथ ही बनारसी कचौड़ी और जलेबी का स्वाद भी लिया। शहर के प्रमुख उद्योगपति आरके चौधरी ने काशी का विकास हुआ लेकिन लैंड बैंक नहीं है। लोग निवेश करना चाहते हैं लेकिन उनके पास जमीन नहीं है। 

आईएम के अध्यक्ष डॉ अनुराग टंडन ने लायंस आई बैंक से प्रकाशित अद्भुत ज्योति नेत्रदान महादान पत्रिका भेंट की। साथ ही 10-20 बेड वाले अस्पतालों के समक्ष आने वाली समस्याओं और क्लीनिकल एस्टैब्लिशमेंट एक्ट को सही ढंग से लागू करने पर चर्चा की गई। शहर के विकास, सामाजिक सहभागिता और सांस्कृतिक विरासत को सहेजने पर बात की गई। केबी खरे, आरसी जैन, लोकेश गुप्ता, दीपक बहल, संजय अग्रवाल, सुनील कपूर, संतोष अग्रवाल, बलवीर बग्गा, ब्रह्मानंद पेशवानी, डॉ. शशिकांत दीक्षित, शिशिर वाजपेयी, प्रेम प्रकाश गौतम रहे।

काशी भारत की सांस्कृतिक चेतना का केंद्र बैठक के बाद भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने कहा कि काशी केवल एक भौगोलिक शहर नहीं, बल्कि भारत की सांस्कृतिक चेतना का केंद्र है। यहां के प्रबुद्ध समाज का मार्गदर्शन और अनुभव विकास की भावी दिशा तय करने में अत्यंत महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी ने कहा कि वाराणसी का निरंतर निखरता स्वरूप यहां की प्रबुद्ध जनता और समाज की अगुवाई करने वाले सक्रिय लोगों के सहयोग का परिणाम है।
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