दस वर्षों से बदहाल है पेयजल व्यवस्था
नगर पंचायत बैरिया में पिछले करीब दस वर्षों से पेयजल आपूर्ति व्यवस्था अस्त-व्यस्त है। देवराज ब्रह्ममोड़ को छोड़कर अधिकांश स्थानों पर पानी की टंकियों से जुड़ी पाइपलाइन क्षतिग्रस्त होने के कारण नियमित आपूर्ति नहीं हो पा रही है। इससे लोगों को पेयजल के लिए परेशान होना पड़ रहा है। कई परिवार बाजार से आरओ का पानी खरीदकर पीने को मजबूर हैं, जबकि बड़ी संख्या में लोग हैंडपंप के पानी पर निर्भर हैं। दूषित पानी के इस्तेमाल से लोगों के स्वास्थ्य पर भी खतरा बना हुआ है।
काम की धीमी रफ्तार से नाराजगी
परियोजना के निर्माण कार्य की गति को लेकर स्थानीय लोगों में नाराजगी भी है। लोगों का कहना है कि कार्यदायी संस्था और जल निगम की ओर से निर्माण में तेजी दिखाई जाती तो परियोजना अब तक पूरी हो चुकी होती। लंबे समय से पेयजल संकट झेल रहे लोगों ने जल्द से जल्द नई व्यवस्था शुरू कराने की मांग की है।
सभी परियोजनाओं की लगातार निगरानी की जा रही है। उन्होंने बताया कि प्रारंभ में परियोजना करीब 28 करोड़ रुपये की थी, जिसे शासन स्तर से संशोधित कर 25 करोड़ रुपये किया गया है। - शांति देवी, नगर पंचायत अध्यक्ष
पाइपलाइन बिछाने का करीब 50 प्रतिशत काम पूरा हो चुका है। पानी की टंकियों का निर्माण भी तेजी से चल रहा है। उम्मीद है कि अगले वर्ष के मध्य तक सभी प्रमुख कार्य पूरे हो जाएंगे और नगर पंचायत के लोगों को पर्याप्त शुद्ध पेयजल की आपूर्ति शुरू कर दी जाएगी। - नौशाद आलम, अधिशासी अधिकारी