पं. अमरकांत के आचार्यत्व में पांच ब्राह्मणों ने गंगा घाट पर कलश पूजन कराया। मां गंगा की आरती उतारने के बाद लोगों ने कतार में लगकर कलश उठाया। शोभायात्रा में बाबा बर्फानी की झांकी आकर्षण का केंद्र रही। शहनाई की मंगल ध्वनि और डमरुओं की निनाद के बीच हर-हर महादेव का उद्घोष करते भक्तों के जत्थे ने दशाश्वमेध, गोदौलिया, हौज कटोरा, बांस फाटक होते हुए गेट नंबर चार से विश्वनाथ मंदिर में प्रवेश किया।
बाबा की चौखट को पखारने के बाद शिवभक्तों ने गंगाजल के कलश से बाबा का अभिषेक किया। वहीं ओंकारेश्वर और गौरी केदारेश्वर मंदिर में भी शिवभक्तों ने बाबा का जलाभिषेक किया। संयोजन सतुआ बाबा आश्रम के महामंडलेश्वर संतोष दास ने किया। इस दौरान केशव जालान, जगदंबा तुलस्यान, सुरेश तुलस्यान, राधे गोविंद केजरीवाल आदि रहे।
शोभायात्रा के दौरान गंगा तट से लेकर श्री काशी विश्वनाथ धाम के रास्ते जगह-जगह अनेक संस्थाओं की ओर से शिव भक्तों की सेवा के लिए कैंप लगाए गए थे। कहीं अमरस तो कहीं नींबू का शरबत और शीतल जल श्रद्धालुओं में बांटा गया। कैंप में मारवाड़ी युवक संघ, मारवाड़ी युवा मंच, श्री श्याम मंडल, बालसखा श्री बाल श्याम मंडल, माहेश्वरी समाज मंडल, खत्री हितकारिणी सभा, सामाजिक संस्था भावना ने सहयोग किया।