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हत्या की कहानी शूटर की जुबानी: नौ साल पहले मुन्ना बजरंगी ने कराई थी डिप्टी जेलर की हत्या, ऐसे रची थी साजिश

Fri, 17 Mar 2023 01:52 PM IST
किरन रौतेला न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी

सार

मेरठ जिले के रहने वाले डिप्टी जेलर अनिल त्यागी की हत्या का खुलासा करते हुए कैंट थाने की पुलिस ने सात मई 2014 को बताया था कि मऊ निवासी रमेश सिंह काका सहित छह बदमाश डिप्टी जेलर की हत्या में शामिल थे।
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मुन्ना बजरंगी - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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वाराणसी जिला जेल के डिप्टी जेलर रहे अनिल त्यागी की हत्या बागपत जेल में गैंगवार में मारे गए कुख्यात मुन्ना बजरंगी ने नौ साल पहले पांडेयपुर क्षेत्र में कराई थी। तेजतर्रार, सख्त मिजाज और जेल मैन्युअल का कड़ाई से पालन कराने वाले डिप्टी जेलर अनिल त्यागी के चलते मुन्ना बजरंगी और रमेश सिंह काका जैसे बदमाश सलाखों के भीतर मनमानी नहीं कर पाते थे। इसी वजह से सुनियोजित तरीके से 23 नवंबर 2013 को पांडेयपुर स्थित जिम के सामने अनिल त्यागी पर मुन्ना बजरंगी के पांच पेशेवर शूटरों ने अंधाधुंध गोलियां बरसा कर हत्या कर दी थी। 

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मेरठ जिले के रहने वाले डिप्टी जेलर अनिल त्यागी की हत्या का खुलासा करते हुए कैंट थाने की पुलिस ने सात मई 2014 को बताया था कि मऊ निवासी रमेश सिंह काका सहित छह बदमाश डिप्टी जेलर की हत्या में शामिल थे। हालांकि, जुलाई 2017 में एसटीएफ की वाराणसी इकाई ने धनबाद के पूर्व डिप्टी मेयर नीरज सिंह हत्याकांड में वांछित शूटर बैरिया (बलिया) के मधुबनी निवासी चंदन सिंह उर्फ रोहित को कैंट क्षेत्र से गिरफ्तार करने के बाद खुलासा किया था कि डिप्टी जेलर त्यागी की हत्या मुन्ना बजरंगी ने कराई थी।
 

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Munna Bajrangi - फोटो : अमर उजाला
एसटीएफ को चंदन ने बताया था कि 23 नवंबर 2013 को पांडेयपुर स्थित जिम के सामने जिला जेल के डिप्टी जेलर अनिल त्यागी की हत्या की साजिश रचने से लेकर वारदात को अंजाम देने तक में वह शामिल रहा था। उन दिनों मुन्ना बजरंगी और रमेश काका जिला कारागार में निरुद्ध थे। अनिल त्यागी के चलते वे मनमानी नहीं कर पाते थे। इस वजह से दोनों डिप्टी जेलर से नाराज थे। चंदन ने बताया कि वह जेल में मुन्ना बजरंगी से मिलने जाता था। उसी दौरान मुन्ना बजरंगी ने चंदन, राजेश चौधरी, रिंकू सिंह, अमजद और वकील पांडेय को डिप्टी जेलर की हत्या का जिम्मा सौंपा था। उसने और राजेश चौधरी ने तीन दिन तक रेकी की और वारदात को अंजाम देने के लिए पांडेयपुर में जिम के बाहर का स्थान चुना। 23 नवंबर 2013 को अनिल त्यागी जैसे ही जिम के सामने कार से उतरे, अंधाधुंध फायरिंग कर उनकी हत्या कर दी गई थी।

मारे जा चुके हैं राजेश, अमजद और वकील
डिप्टी जेलर अनिल त्यागी की हत्या में शामिल रहे शूटर राजेश चौधरी की हत्या अगस्त 2014 में मिर्जापुर के अहरौरा क्षेत्र के चूनादरी के समीप गैंगवार में की गई थी। वहीं, मार्च 2021 में प्रयागराज के अरैल में सोमेश्वरनाथ मंदिर के पास बदमाश अमजद उर्फ अंगद उर्फ पिंटू उर्फ डॉक्टर और वकील पांडेय उर्फ राजीव पांडेय उर्फ राजू पुलिस मुठभेड़ में मारे गए थे। डिप्टी जेलर की हत्या के लिए रिंकू और अमजद ने छह पिस्टल की व्यवस्था की थी।
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