24 अप्रैल की रात बाइक से डेरे के लिए जाते समय नीलगाय से टकराकर गंभीर रूप से घायल हो गए थे। परिजनों ने उन्हें वाराणसी स्थित एक अस्पताल में इलाज के लिए ले गए, जहां डॉक्टरों ने छह माह तक आराम करने की सलाह दी थी।
चार मई को ससुराल बलिया में उनकी तबीयत अचानक खराब हो गई। ससुराल पक्ष के लोग उन्हें बलिया के जिला अस्पताल ले गए, जहां इलाज के दौरान दोपहर करीब 12 बजे आईटीबीपी जवान जितेंद्र सिंह यादव का निधन हो गया। बुधवार को पोस्टमार्टम के बाद जवान का पार्थिव शरीर पैतृक गांव पहुंचा। जवान का पार्थिव शरीर देखते ही पत्नी पुष्पा देवी और मां दाल सिंगारी देवी रो-रोकर बेहाल हो गईं।
दूसरी ओर जोगीवीर गंगा घाट पर आईटीबीपी के इंस्पेक्टर सूर्यनाथ यादव के नेतृत्व में पहुंची 16 सदस्यीय टीम ने जवान के पार्थिव शरीर को गार्ड ऑफ ऑनर दिया।