दीनदयाल उपाध्याय जिला अस्पताल में एमसीएच विंग के रैन बसेरे को मॉर्च्यूरी बना दिया गया है। मॉर्च्यूरी में मंगलवार को महिला के शव को कर्मचारी ने फ्रीजर के बाहर स्ट्रेचर पर छोड़कर ताला बंद कर दिया। बुधवार को दुर्गंध उठने पर एमसीएच विंग में डॉक्टर को दिखाने आईं महिलाएं परेशान हो गईं।
बुधवार को 15 घंटे बाद ताला खुलवाया गया तो हकीकत सामने आई। स्ट्रेचर पर महिला का शव पड़ा देख सभी हक्के-बक्के नजर आए। मौके पर पहुंची पुलिस ने कागजी कार्रवाई शुरू की। अब मॉर्च्यूरी को शिफ्ट करने की तैयारी चल रही है।
मंगलवार शाम छाही सारनाथ की नगीना (45) की सड़क दुर्घटना में मौत हो गई थी। जिसके बाद महिला के शव को रैन बसेरे में बने मॉर्च्यूरी में रखवा दिया गया। खास बात यह है कि फ्रीजर होने के बाद भी शव को उसमें नहीं रखा गया। बुधवार को पुलिस शव का पंचनामा करने पहुंची तो देखा कि अंदर खून फैला था।
दुर्गंध की वजह से वहां खड़े रहना भी मुश्किल था। पुलिस भी एमसीएच विंग के कॉमन एरिया में बैठकर काम करने लगी। इस वजह से गर्भवती महिलाओं को भी दिक्कत हुई। कर्मचारी के आने पर जब मेन गेट खोला गया तो स्ट्रेचर पर रखे शव से खून नीचे जमीन पर फैला हुआ था।
गर्भवती महिलाओं और परिजनों की शिकायत पर एमसीएच विंग प्रभारी डाॅ. सुरेंद्र शाही ने आपत्ति जताते हुए सीएमएस से इसे हटाने को कहा है।
बोले अधिकारी
जिस जगह पर रैन बसेरा बना है, एमसीएच विंग के निर्माण के समय नक्शे में वह मॉर्च्यूरी के रूप में अंकित था। मरीजों, परिजनों सहित अन्य लोगों को हो रही समस्या को ध्यान में रख इसे दूसरी जगह शिफ्ट करवाया जाएगा।
- डॉ. दिग्विजय सिंह, सीएमएस