जांच में धर्मू नाले का पानी मिला सबसे ज्यादा खराब
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भारत रक्षा दल की शिकायत पर जांच करने आजमगढ़ पहुंची एनजीटी की संयुक्त टीम दूसरे दिन शुक्रवार को भी पूरे दिन नालों के पानी का नमूना लेने में जुटी रही। नालों के साथ ही टीम ने तमसा नदी के पानी का भी दो स्थानों से नमूना लिया। इसके बाद टीम अंबेडकर नगर के लिए रवाना हो गई। टीम द्वारा 17 दिसंबर को एनजीटी द्वारा गठित कमेटी की बैठक से पूर्व कोर्ट में अपनी रिपोर्ट प्रस्तुत करेगी।
एनजीटी की ओर से गठित रीवर मानीटरिंग कमेटी के चेयरमैन राजेंद्र सिंह से भारत रक्षा दल के जिलाध्यक्ष उमेश सिंह गुड्डू ने 17 नवंबर को पत्र सौंपकर तमसा में बिना ट्रीटमेंट शहर के नालों को गिराने की शिकायत की थी। उन्होंने कहा था कि नदी में नगर क्षेत्र से आने वाला गंदा पानी नौ नालों के माध्यम से लगातार गिरता रहता है। नगरपालिका द्वारा शहर से निकलने वाला कूड़ा भी नदी के इर्द गिर्द पुलों के किनारे बंधे पर लगातार फेंका जाता है।
उनकी इस शिकायत को चेयरमैन रिवर मानीटरिंग कमेटी ने गंभीरता से लिया। उन्होंने इस प्रकरण को फैजाबाद के यश पेपर मिल और केएम सूगर मिल द्वारा बिना ट्रीटमेंट पानी को तमसा में छोड़ने की एनजीटी में की गई शिकायत के साथ जोड़ते हुए जांच के लिए केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड और क्षेत्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की संयुक्त टीम को जनपद भेजा। बुधवार को टीम ने टीम ने नगर के नरौली पुल, कदम घाट और गौरीशंकर घाट पर बहने वाले नालों के पानी का नमूना लिया था।
शुक्रवार को टीम ने दलालघाट, गुलामी का पुरा, धर्मूनाला, कोलघाट, गोदाम घाट और हरबंशपुर में गिरने वालों नालों के पानी का नमूना जुटाया। जांच के केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के वैज्ञानिक एके त्रिपाठी के नेतृत्व में नदी से संबंधित विभागों की एसडीएम के साथ बैठक हुई। जिसमें एसडीएम ने टीम को प्रशासन द्वारा किए जा रहे प्रयासों से अवगत कराया। टीम ने नगर पालिका को पूर्व में नदी किनारे गिराए गए कूड़े को तत्काल वहां से हटाने का निर्देश दिया। इसके बाद टीम के सदस्य अंबेडकर में जांच के लिए रवाना हो गए।