प्रतिदिन निकलता है 50 टन कूड़ा
शहर से प्रतिदिन करीब 50 टन कूड़ा निकलता है। ईओ ने बताया कि बड़े प्रतिष्ठानों के अपने स्तर पर कूड़ा निस्तारण करने से पालिका की सफाई व्यवस्था पर पड़ने वाला अतिरिक्त दबाव कम होगा। पहले वार्डों में तीन रंग की डस्टबिन रखी जाती थीं, जिनमें गीला, सूखा और बायोमेडिकल कचरा अलग-अलग रखा जाता था। अब काले रंग की डस्टबिन की संख्या बढ़ाई गई है। इसमें घरों से निकलने वाला खतरनाक कूड़ा रखा जाएगा। इसका उद्देश्य कूड़े का शत-प्रतिशत पृथक्करण सुनिश्चित करना है।
सॉलिड वेस्ट अधिनियम 2026 में नई व्यवस्थाएं शामिल हुई हैं। चार सदस्यीय टीम ने प्रतिदिन 100 किलोग्राम या इससे अधिक कूड़ा उत्पन्न करने वाले व्यापारियों और प्रतिष्ठानों को चिह्नित करने का काम शुरू कर दिया है। सूची तैयार होने के बाद नगर पालिका की ओर से आगे की कार्रवाई की जाएगी। - डॉ. बृजेश कुमार, अधिशासी अधिकारी।