अधिकारियों का कहना है कि व्यापार का कोई ऐसा क्षेत्र नहीं है, जिसमें हवाला कारोबारियों की पैठ न हो। कैंट और पीडीडीयू स्टेशन को गुजरात के सिंडिकेट ने हवाला कारोबार का ट्रांजिट प्वाइंट बनाया है। कभी-कभार इक्का-दुक्का मामले पकड़े भी जाते हैं, लेकिन हवाला कारोबार का 98 प्रतिशत काम पकड़ में आता ही नहीं है।
पीडीडीयू जंक्शन से बुधवार की रात पश्चिम बंगाल निवासी एक युवक 53.68 लाख रुपये के साथ पकड़ा गया। इतनी भारी-भरकम रकम वह वाराणसी से लेकर जा रहा था। इससे पहले कैंट रेलवे स्टेशन से बीते अप्रैल महीने में 27 लाख रुपये और मार्च महीने में एक करोड़ रुपये व नौ हजार अमेरिकी डॉलर बरामद किए गए थे। इस संबंध में पुलिस महकमे के एक वरिष्ठ अफसर ने कहा कि पूर्वांचल और उससे सटे बिहार के जिलों के लिए वाराणसी थोक व्यापार की सबसे बड़ी मंडी है। म्यांमार से आने वाले तस्करी के सोने का 98 प्रतिशत भुगतान हवाला कारोबार के जरिये ही होता है। शहर में चौक, चेतगंज और कोतवाली थाना क्षेत्र में हवाला कारोबार के काम से जुड़े सर्वाधिक लोग रहते हैं। यह लोग रोजाना करोड़ों रुपये इधर से उधर करते हैं। अब नकली दवाओं के पैसे के लेनदेन का काम भी हवाला कारोबारी करने लगे हैं। हवाला के कारोबार को लेकर विदेशी मुद्रा के लेनदेन का काम करने वालों की भूमिका भी संदिग्ध रहती है। पैसे के लेनदेन का यह अवैध काम तगड़ी नेटवर्किंग और आपसी विश्वास के साथ बेहद ही पारदर्शी तरीके से होता है। इसी वजह से जो लोग कभी-कभार पैसे के साथ पकड़े भी जाते हैं, वह उसे देने और लेने वाले के बारे में कोई ठोस जानकारी दे ही नहीं पाते हैं।
कपड़े, लेदर के सामान और खिलौने के व्यापार में हवाला से लेनदेन
एक जांच एजेंसी के अफसर ने बताया कि इन दिनों कपड़ा, लेदर के सामान और चीन निर्मित खिलौनों की खेप बांग्लादेश से पश्चिम बंगाल और बिहार होते हुए बनारस तक आती है। यह तीनों किस्म का व्यापार कच्ची रसीद पर होता है। इस व्यापार से जुड़े लोग हवाला के जरिये ही रुपये का लेनदेन करते हैं।
कट मनी .25 से .75 प्रतिशत तक
हवाला कारोबारी रुपये के लेनदेन का जो कमीशन लेते हैं, उसे कट मनी कहा जाता है। पुलिस के एक अफसर ने बताया कि देश के अंदर यदि पैसे का लेनदेन करना है तो दूरी और समय को ध्यान में रखकर हवाला कारोबारी रकम का .25 से .75 प्रतिशत तक लेते हैं। इसी तरह यदि पैसे का भुगतान विदेश में होना है तो दूरी और स्थान के हिसाब से कट मनी दो से तीन प्रतिशत तक ली जाती है।
कार्रवाई में जुटी आयकर टीम, सीज हो सकते हैं रुपये
पंडित दीनदयाल उपाध्याय नगर जंक्शन पर बरामद 53.68 लाख रुपये की जांच में आयकर विभाग की टीम जुटी है। रुपये बरामद होने की सूचना मिलने के बाद वाराणसी से गई आयकर विभाग की टीम ने पकड़े गए युवक से कागजात मांगा तो वह दिखा नहीं सका। फिलहाल बरामद रुपये को जीआरपी के मालखाने में सुरक्षित रखवा दिया गया है। आयकर विभाग की टीम कागजात न दिखाने पर बरामद रुपये को सीज कर इसे सरकारी खाते में जमा कराएगी। साथ ही, युवक से पूछताछ कर रुपये के संबंध में जानकारी जुटाएगी।