यहां पार्टी की पसंद डॉ. नीलकंठ तिवारी हैं, जबकि रत्नाकर मिश्र संगठन के जरिए अपनी जगह बनाने में जुटे रहेंगे। राजपूत चेहरे के रूप में बलिया सदर के विधायक दयाशंकर सिंह और सैयदराजा विधायक सुशील सिंह सबसे आगे हैं। इसके अलावा बलिया की बांसडीह से केतकी सिंह की भी उम्मीद हैं।
इसके अलावा पटेल प्रतिनिधित्व के रूप में मिर्जापुर मे रमाशंकर पटेल के साथ ही सेवापुरी विधायक नीलरतन पटेल और रोहनिया के डॉ. सुनील पटेल प्रतिस्पर्धा में हैं। सहयोगी दल अपना दल एस कोटे से सुनील पटेल को मौका भी मिल सकता है। अनुसूचित जाति व जनजाति की सहभागिता में वाराणसी के अजगरा से विधायक टी राम, औराई से दीनानाथ भास्कर, दुद्धी से रामदुलार और ओबरा के संजीव कुमार के बीच प्रतिस्पर्धा है।
पार्टी के राजभर चेहरे के रूप में उभरे अनिल राजभर को दोबारा कैबिनेट मंत्री बनने की प्रबल संभावना है। डॉ. नीलकंठ तिवारी के साथ ही स्टांप मंत्री रहे रविंद्र जायसवाल को भी संगठन से हरी झंडी है। संघ पृष्ठभूमि से जुड़े दूसरी बार बड़ी जीत के साथ विधानसभा पहुंचे सौरभ श्रीवास्तव को भी राज्यमंत्री बनाया जा सकता है। पूर्व मंत्री और पथरदेवा से विधायक सूर्य प्रताप शाही की भूमिका बदलने की चर्चाओं के बीच पिंडरा विधायक डॉ. अवधेश सिंह पार्टी के नए भूमिहार चेहरा हो सकते हैं।