वाराणसी में एमएससी की छात्रा की हत्या में नया खुलासा हुआ है। आरोपी विवेक ने दो साथियों के साथ मिलकर श्रेया की हत्या की थी। आरोपियों ने घर से 20 किमी दूर किराये के मकान में वारदात को अंजाम दिया था। श्रेया का शव तीन दिन तक बाथरूम में पड़ा रहा था।
वाराणसी की जगतपुर पीजी कॉलेज में एमएससी की छात्रा श्रेया उपाध्याय उर्फ मोनू (22) की हत्या आरोपी विवेक चौबे ने अपने दो दोस्तों के साथ मिलकर की थी। पुलिस की प्रारंभिक जांच में हत्या की पुष्टि हुई है। राजातालाब थाने की पुलिस और क्राइम ब्रांच ने सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगालने के बाद रविवार देर रात तीन लोगों को हिरासत में लिया है।
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पुलिस के अनुसार, साजिश के तहत विवेक ने श्रेया को 18 अगस्त को कॉलेज जाते समय मिलने के लिए बुलाया और भरोसे में लेकर बच्छांव स्थित किराये के मकान पर पहुंचा। वहां उसके दो दोस्त पहले से मौजूद थे। तीनों ने मिलकर उसकी हत्या कर दी।
इस दौरान दो दोस्तों ने श्रेया को पकड़ा था और विवेक ने धारदार चाकू से उसका गला रेत दिया। हत्या के बाद तीनों वहां से निकल गए। विवेक सीधे अपने मामा के घर पहुंचा और वहां बाइक व बैग छोड़कर भाग निकला। बैग में कमरे की चाबी भी थी।
घटना के बाद ननिहाल भागा था आरोपी
पुलिस के अनुसार, हत्या के बाद आरोपी अपने ननिहाल चला गया। श्रेया के गले पर धारदार हथियार से वार किया गया था। सिर पर चोट के निशान थे। इसकी पुष्टि पोस्टमार्टम रिपोर्ट में भी हुई थी। मौके पर पहुंची डीसीपी गोमती जोन नीतू कादयान समेत अन्य अधिकारियों ने फोरेंसिक टीम बुलाकर साक्ष्य संकलित किए। आरोपी की गिरफ्तारी के लिए चार टीमें गठित की गई थीं।
परिजनों के मुताबिक, श्रेया घर की इकलौती बेटी थी। उसकी शादी तय हो चुकी थी। 22 नवंबर को उसकी रिंग सेरेमनी और 26 फरवरी को शादी होनी थी। शादी की तैयारियां शुरू हो गई थीं। इसी बीच उसकी हत्या कर दी गई।
सुबह मकान मालिक से हुई पूछताछ 19 अगस्त की सुबह परिजन दोबारा बच्छांव पहुंचे और आसपास पूछताछ शुरू की। मकान मालिक विवेक द्विवेदी से जानकारी लेने पर पता चला कि विवेक चौबे नाम का युवक पिछले दो महीने से किराये पर कमरा लेकर रह रहा था। मकान मालिक ने उसका आधार कार्ड भी परिजनों को भेजा।
इससे परिजनों को युवक पर शक गहरा गया। मृतक के पिता का कहना है कि उन्होंने कमरे को खुलवाने का काफी प्रयास किया, लेकिन कमरा नहीं खुला। इसके बाद परिवार विवेक चौबे के ननिहाल भुवालपुर, सीखड़, मिर्जापुर पहुंचा। वहां लोगों ने बताया कि विवेक 18 अगस्त की शाम आया था।
वह अपना बैग और मोटरसाइकिल वहां छोड़कर चला गया था। बैग की तलाशी लेने पर उसमें कमरे की चाबी मिली। इसके बाद परिजन चाबी लेकर बृहस्पतिवार की सुबह करीब 10:30 बजे बच्छांव स्थित मकान पर पहुंचे। वहां रह रहे दो-तीन लोगों को साथ लेकर कमरे का दरवाजा खोला गया। अंदर बाथरूम में श्रेया का शव खून से लथपथ पड़ा मिला।
पुलिस लोकेशन पर पहुंची लेकिन दरवाजा नहीं खुलवाया
श्रेया के चचेरे भाई अंशुमान के अनुसार, श्रेया के घर न लौटने पर परिवार राजातालाब थाने पहुंचा और फिर दक्खिनी पुलिस चौकी में सूचना दी गई। पुलिस ने गुमशुदगी दर्ज कर छात्रा के मोबाइल की लोकेशन खंगालनी शुरू की। परिजनों के अनुसार, मोबाइल की लोकेशन बच्छांव पश्चिमपुरा स्थित एक मकान में मिली।
रात करीब 11 बजे वे पुलिस के साथ वहां पहुंचे। उस समय छात्रा का मोबाइल चालू था और लोकेशन उसी मकान की आ रही थी। परिवार को उम्मीद थी कि श्रेया कमरे के अंदर होगी।
मृतका के पिता सुनील उपाध्याय का आरोप है कि पुलिस ने कुछ देर जांच-पड़ताल करने के बाद वहां से लौटना उचित समझा लेकिन कमरे का दरवाजा नहीं खुलवाया। परिजनों का यह भी आरोप है कि स्थानीय पुलिस को तत्काल इस आशंका की जानकारी देकर कमरे की तलाशी नहीं कराई गई।